जयपुर, जेएनएन। राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि मौजूदा सरकार के लिए कानून व्यवस्था प्राथमिकता नहीं है। इस सरकार में अपराधियों में अपराध करने और बच निकलने का भरोसा बढ़ गया है, जबकि आमजनता भयभीत है।

अध्यक्ष बनने के बाद अपनी पहली प्रेसवार्ता में सतीश पूनिया ने कहा कि इस समय राजस्थान में सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण स्थिति कानून व्यवस्था की है। सरकार ने जनघोषणपत्र में भरोसा दिलाया था कि आमजनता को सुरक्षाा मिलेगी, लेकिन पिछले दस माह में करीब 40 सांप्रदायिक घटनाएं हो चुकी हैं। चार हजार से ज्यादा मामले दुष्कर्म के सामने आ चुके हैं, इन्हें देख कर ऐसा लगता है कि कानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता में नहीं है।

पूनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद गृहमंत्री, इसलिए वे किसी से जवाब भी नहीं मांग सकते। इसके अलावा वे ज्यादा समय जयपुर से ज्यादा दिल्ली में गुजरता हैं। इसलिए वे पुलिस महानिदेशक के नियमित संपर्क में नहीं रह पाते, जबकि गृहमंत्री के लिए यह बेहद जरूरी होता है। पूनिया ने कहा कि ऐसा लगता है कि अपराधियों को पता लग गया है कि राजस्थान में अपराध करना और बच कर निकलना आसान है। थानों पर लिखा होता है अपराधियों में भय, आमजन में विश्वास, लेकिन यहां स्थिति उलट हो गई है। अब अपराधियों में बच निकलने का भरोसा और आमजन में भय बढ़ गया है। समाजकंटकों को यह लग रहा है कि वे कुछ भी कर लें, उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा।

सांप्रदायिक घटनाओं के बारे में पूनिया ने कहा कि एक वर्ग विशेष को कांग्रेस सरकार आते ही छूट मिल जाती है और बहुसंख्यक समाज भय में रहता है। यह सरकार तुष्टिकरण की नीति पर चल रही है। हाल में दशहरे पर मालपुरा में हुआ सांप्रदायिक तनाव इस बात का उदाहरण है। इससे पहले जयपुर जैसे शांत शहर में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। पूनिया ने कहा कि यह सरकार आधे अधूरे जनादेश के साथ सत्ता में आई हैं। दस माह में बयानबाजी के अलावा कुछ नहीं किया है। लोकसभाा चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया। दस माह में ही जनता परेशन हो चुकी है और 2023 के चुनाव के बाद राजस्थान से कांग्रेस साफ हो जाएगी। जनता जिस तरह परेशाान हुई है, वह अब और ज्यादा प्रयोग नहीं करेगी।

भाजपा में व्यक्ति नहीं संगठन बड़ा

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के उनके पदभार ग्रहण समारोह में न आने और गुटबाजी के सवाल पर पूनिया ने कहा कि किसी बड़े नेता की किसी कारण से अनुपस्थिति गुटबाजी नहीं होती। गुटबाजी वह होती है, जब एक मंच से उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के तल्ख संवाद होते हैं। उन्होंने कहा कि वसुंधरा राजे से मेेरी मुलाकात एक बार हो चुकी है और अब जब वे जयपुर आएंगी, तब फिर मुलाकात होगी। उन्होंने कहा कि हमारे यहां खाता न बही संगठन जो कहे, वही सही के हिसाब से काम होता है। भाजपा में संगठन बड़ा है, व्यक्ति बड़ा नहीं है। वसुंधरा राजे परिवार की सम्मानित सदस्या हैं, उनका सम्मान बना रहेगा। उनकी भूमिका सकारात्मक रहेगी। 

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Posted By: Sachin Mishra

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