जयपुर, जेएनएन। राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की ओर से सोमवार को न्यायालय में करोड़ों रुपये की जमीन के धोखाधड़ी के संबंध में पेश किए चालान पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव उमराव सालोदिया को जेल भेज दिया।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने बताया कि परिवादी नानकराम शर्मा (जिला न्यायधीश वर्तमान में रिटायर्ड) द्वारा प्रस्तुत परिवाद पर वर्ष 2013 में एसीबी में मामला दर्ज किया गया था। यह मामला पांच लोक सेवक व एक गैर लोक सेवक के विरुद्ध दर्ज किया गया था। नींदड़ बेनाड जयपुर में नींदड़ के जागीरदार सुरेंद्र सिंह द्वारा नानक राम शर्मा जिला न्यायाधीश को वर्ष 1953 में जमीन दी गई। इस पर वर्ष 1960 में नानकराम शर्मा के पक्ष में नामांतरण खोला गया था। वर्ष 2001 में सुरेंद्र सिंह के पुत्र रणवीर सिंह द्वारा एसडीओ के समक्ष नामांतरण खारिज करने के लिए अपील की गई। इसे एसडीओ ने समय से ज्यादा अवधि (टाइम बार्ड) कहकर खारिज कर दिया गया। उक्त फैसले के खिलाफ रणवीर सिंह द्वारा संभागीय आयुक्त जयपुर के यहां अपील की गई।

इस पर संभागीय आयुक्त ने एसडीओ को निर्देश दिए कि पुन: सुनवाई कर फैसला दिया जाए। इस पर नानकराम शर्मा द्वारा रेवेन्यू बोर्ड अजमेर में भी अपील कर दी गई। उक्त अपील पर रेवेन्यू बोर्ड अजमेर के तत्कालीन सदस्य हरिशंकर भारद्वाज और रेवेन्यू बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष उमराव सालोदिया द्वारा रणवीर सिंह से षड्यंत्र पूर्वक मिलीभगत कर पद का दुरुपयोग करते हुए एक तरफा फैसला दिया। फैसले को आधार मानते हुए आनन-फानन में तहसीलदार आमेर, गिरदावर व पटवारी आमेर द्वारा चार दिवस में रणवीर सिंह के पक्ष में नामांतरण खोल दिया। एसीबी की जांच के बाद अभियुक्तों के विरुद्ध पद का दुरुपयोग एवं षड्यंत्र करने संबंधी आइपीसी की धाराओं में अपराध पाया गया।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक सिंघल की ओर से आज न्यायालय में कुल छह लोगों के खिलाफ न्यायालय में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में चालान पेश किया व एक अभियुक्त के खिलाफ चालान 173/8 में लंबित रखा गया। चालान के समय रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य सचिव उमराव सालोदिया न्यायालय में उपस्थित रहे, जिस पर न्यायालय ने उमराव सालोदिया को जेल भेज दिया।

उल्लेखनीय है कि अभियुक्त तत्कालीन रेवेन्यू बोर्ड अध्यक्ष उमराव सालोदिया, तत्कालीन बोर्ड सदस्य हरिशंकर भारद्वाज, तत्कालीन तहसीलदार आमेर अरविंद कुमार शर्मा, तत्कालीन गिरदावर आमेर मक्खन लाल, तत्कालीन हल्का पटवारी नारायण व रणवीर सिंह के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया।

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Posted By: Sachin Mishra

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