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आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट से राहत, 20 दिन की पैरोल पर रिहाई के दिए निर्देश

Published: Tue, 06 Oct 2026 09:02 PM (GMT+05:30)

राजस्थान हाई कोर्ट ने नाबालिग से यौन शोषण के दोषी आसाराम को पैरोल पर रिहा करने के लिए पूर्व में ...और पढ़ें

आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट से राहत। (पीटीआई)

आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट से राहत। (पीटीआई)

जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान हाई कोर्ट ने नाबालिग से यौन शोषण के दोषी आसाराम को पैरोल पर रिहा करने के लिए पूर्व में जारी आदेश का पालन करने को लेकर राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान आसाराम के वकीलों ने कहा कि तीन अगस्त को हाई कोर्ट ने 20 दिन की पैरोल मंजूर की थी, लेकिन राज्य सरकार ने उन्हें रिहा नहीं किया।

उल्लेखनीय है कि आसाराम को वर्ष 2018 में जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वह जोधपुर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है।

आसाराम को पैरोल पर रिहा किया जाए- हाई कोर्ट

न्यायाधीश संजीव पुरोहित और न्यायाधीश नूपुर भाटी की खंडपीठ के समक्ष आसाराम की ओर से एक याचिका दायर की गई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि पैरोल के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। इस पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने सरकार को आदेश दिया कि आसाराम को पैरोल पर रिहा किया जाए।

सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता बीएल भाटी ने कहा कि आसाराम को गुजरात के गांधी नगर की एक अदालत ने भी दोषी माना है, जहां के हाई कोर्ट ने उसकी पैरोल याचिका को खारिज कर दिया था। इस पर खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार ऐसा कोई कानूनी कारण नहीं दर्शा सकी, जिससे तीन अगस्त के आदेश को रद या निलंबित माना जाए।

राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश पर गुजरात हाई कोर्ट द्वारा आपातकालीन पैरोल खारिज किए जाने के निर्णय का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है।

आसाराम को कब-कब मिली पैरोल?

बता दें कि आसाराम को मुख्य रूप से पहली बार वर्ष 2018 में स्वास्थ्य कारणों से सात दिन की पैरोल, फिर दिसंबर 2024 में उपचार और अन्य कारण से पैरोल मिली थी। इसके बाद अक्टूबर 2025 में मेडिकल ग्राउंड पर छह महीने की अंतरिम जमानत और अब अगस्त 2026 में 20 दिन की पैरोल मिली है।