जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में बारिश अब कहर बरपाने लगी है। प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए। नदी-नाले उफान पर हैं। गांवों में पानी भर गया। प्रदेश के पर्यटन स्थल माउंट आबू और पुष्कर में निचले इलाकों में बने होटल एवं रिसॉर्ट पर्यटकों से खाली करा लिए गए हैं। पिछले 24 घंटों में पाली, धौलपुर व अजमेर में बारिश का कहर देखने को मिला है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा। बारिश से हुए हादसों में पिछले पांच दिनों में छह लोगों की मौत हुई है।

अजमेर जिले में पिछले तीन दिन से जारी बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। कच्चे मकान ढह गए। पुष्कर में पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर है। डूब क्षेत्र में होटलों को खाली कराया जा रहा है। यहां पिछले तीन दिन से बरसात का दौर जारी रहने से पुष्कर सरोवर का जलस्तर 32 फीट हो गया है। खेतों में पानी भर गया है। अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह की तरफ आने वाली संपर्क सड़क पर पहाड़ का एक हिस्सा गिरने से रास्ता बंद हो गया। दरगाह बाजार में एक पुराना मकान भी गिर गया। जोधपुर, कोटा, भीलवाड़ा, बारां और बूंदी जिलों के कई हिस्सों में बाढ़ के हालात हैं। इन जिलों में सेना की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश रद करने के साथ ही एक दर्जन जिलों में स्कूलों की छुट्टी की गई है।

चंबल नदी उफान पर

धौलपुर और कोटा में चंबल उफान पर है। लगातार बारिश और कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण चंबल नदी में पानी का उफान आ रहा है। चंबल नदी खतरे के निशान से 10 मीटर ऊपर बह रही है। नदी किनारे बसे गांवों का संपर्क कट गया है। चंबल की बाढ़ से प्रभावित भमरोली, सहानपुर, घेर, तिगरा हथियाखर, गमा, घुरैया खेड़ा आदि गांवों की करीब 700 बीघा बाजरे की फसल पानी में डूब गई है। इन गांवों में दो दिन से बिजली की सप्लाई बंद है। जयपुर में पिछले चार दिन से रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। यहां शनिवार को भी रिमझिम बरसात होती रही। प्रदेश में अब तक सामान्य से 40 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। नागौर में जिले में अच्छी बारिश हो रही है। यहां एनीकट भर गए और नदियां उफान पर हैं। यहां से सरस्वती नदी की शुरुआत मानी जाती है। यह नदी 20 साल बाद चली है। पाली जिले में तीन पुराने मकान गिरने के साथ ही बाइक सवार दो युवकों के पानी के तेज बहाव में बहने की सूचना है। सवाईमाधोपुर जिले के एक दर्जन गांवों में बाढ़ के हालात हैं। यहां जिला कलेक्टर ने सरकारी अधिकारियों को गांवों में भेजा है। दौसा जिले में भी तेज बारिश के कारण हालात बिगड़ने लगे हैं।

पोते को बचाने पानी में कूदा दादा, दोनों की मौत 

जोधपुर जिले के बासनीलांछा गांव में खेत में काम कर रहे दादा-पोते की पानी में डूबने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार एक खेत पर नैनाराम अपने पोते निखिल के साथ काम कर रहे थे। इसी दौरान निखिल कुएं के पास बने पानी के तालाब में डूब गया। उसे बचाने के लिए नैनाराम पानी में कूदे गए। दोनों की डूबने से मौत हो गई। अलवर जिले के जातपुर गांव में रूपारेला नदी में डूबने से छात्र राजेश की मौत हो गई। राजेश अपने दोस्तों के साथ बारिश को देखने के लिए रूपारेला नदी पर गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह पानी में चला गया। काफी मशक्कत के बाद उसका शव बाहर निकाला गया। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान के अजमेर, अलवर, जयपुर, झुंझुनू, सीकर तथा पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, जोधपुर, नागौर, पाली व श्रीगंगानगर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अजमेर, बीकानेर व नागौर में भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट तो झुंझुनू व सीकर में ऑरेंज अलर्ट है।

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Posted By: Sachin Mishra

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