राज्य ब्यूरो, ज्यपुर। राजस्थान में राज्यसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है। प्रतिपक्ष भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस ने दस दिन में 23 लोगों की डील की है और किस से क्या डील हुई है, यह अगले कुछ दिन में सामने आ जाएगा।

राजस्थान में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों के साथ ही निर्दलियों आदि को दस दिन तक एक होटल में रखा हुआ था। शुक्रवार को मतदान होने के बाद यह विधायक अपने घर लौटे है। इसी पर टिप्पणी करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि गहलोत सरकार को कांग्रेस विधायकों की 10 दिन तक घेराबंदी  इसलिए करनी पड़ी. क्योंकि 10 दिन में सरकार ने 23 लोगों के साथ डील की है। वे कौन लोग हैं। इनकी पहचान की गई है। ये वो लोग है जिनको 10 दिन में खानों का आवंटन हुआ है या औदयोगिक क्षेत्रों में प्लॉट अलाटमेंट किए गए हैं या फिर सीधे उनके खाते में कैश ट्रांसफर हुआ है।

पूनिया ने कहा कि इन सबके  नाम कुछ दिन में सामने आ जाएंगे। पूनिया ने भाजपा के दलित विरोधी होने के मुख्यमंत्री के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि मुख्यमंत्री इंदिरा गांधी के जमाने से नेता रहे हैं। लेकिन मुझे कई बार उनकी अज्ञानता पर अफसोस होता है। उनसे कोई यह पूछे कि इस समय देश में राष्ट्रपति कौन है? निश्चित रूप से जो जानते होंगे, वो यही बताएंगे कि वे दलित समाज से हैं।  पूनिया ने कहा कि अगर बीजेपी दलित विरोधी होती तो देश के सिंहासन पर किसी दलित का चेहरा नहीं होता।

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