पहली बार जेन जी के लिए यूथ बजट पेश करेगी राजस्थान सरकार, सभी विभागों को भेजी गई गाइडलाइन
राजस्थान सरकार वित्तीय वर्ष 2027-28 में जेन जी पर केंद्रित एक अलग युवा बजट पेश करने जा रही है, जिसका ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नरेन्द्र शर्मा, जयपुर। राजस्थान की भाजपा सरकार आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जेन जी पर विशेष ध्यान दे रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वित्तीय वर्ष 2027-28 में अलग से यूथ बजट (युवा बजट) पेश करने का फैसला किया है। वित्त विभाग के अधिकारियों का दावा है कि राजस्थान पहला राज्य होगा जो जेन जी पर फोकस करते हुए बजट पेश करेगा।
कृषि बजट की तर्ज पर यूथ बजट अलग से पेश किया जाएगा। यूथ बजट तैयार करने से लेकर इसके खर्च की मानिटरिंग के लिए युवा मामले और खेल विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
जेन जी के लिए अलग युवा बजट पेश होगा
मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास ने यूथ बजट तैयार करने को लेकर सभी विभागों के लिए गाइडलाइन भेजी है। साथ ही एक दिन पहले यूथ बजट को लेकर अधिकारियों की बैठक ली है।सूत्रों के अनुसार, यूथ बजट के लिए नोडल विभाग ही सभी विभागों की कार्ययोजना तय कर समन्वय करेगा। इसके लिए अलग से विभाग में यूथ बजट सेल बनाई जाएगी।
यह सेल बजट तैयार करने से लेकर उस पर होने वाली प्रगति की मानिटरिंग करेगा। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को यूथ बजट में शामिल की जा सकने वाली योजनाओं, कार्यक्रमों और बजट को चिन्हित करने के आदेश दिए हैं।
योजनाओं को दो कैटेगरी में बांटा है। जिन योजनाओं में युवाओं के लिए 70 फीसदी से ज्यादा बजट प्रस्तावित है, उन्हें ए कैटेगरी में रखा जाएगा।
बी कैटेगरी में इससे कम बजट वाली योजनाओं को रखा जाएगा। साल 2027-28 के बजट के लिए बजट निर्धारण समिति (बीएफसी) की बैठकों में अलग से यूथ बजट के खर्च का आकलन कर तय फार्मेट में जमा करवाया जाएगा।
स्वरोजगार, स्टार्टअप और कृषि नवाचार को बढ़ावा
इन मुद्दों पर रहेगा जोर युवाओं से जुड़े मुद्दों को यूथ बजट में शामिल करने के लिए सरकार सुझाव ले रही है। इसमें सरकारी भर्ती परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों पर रोक लगाने के साथ नियमित भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने का प्रविधान किया जाएगा।
भर्ती विज्ञापन जारी करने से लेकर परीक्षा और नियुक्ति तक की प्रक्रिया तय समय में पूरी करने तथा खाली पदों की संख्या सार्वजनिक करने पर जोर रहेगा। युवाओं को कोचिंग, कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को मेडिकल व इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता देने की योजना भी शामिल होगी।
स्वरोजगार, स्टार्टअप और कृषि नवाचार को प्रोत्साहित करने के साथ प्रशिक्षण के लिए युवाओं को दूसरे राज्यों में भेजने के प्रस्ताव भी हैं। कालेज शिक्षा निदेशालय के माध्यम से सरकारी और निजी कालेजों से सुझाव लिए जा रहे हैं।
वर्तमान में बेरोजगार युवाओं को चार हजार रुपये मासिक भत्ता और नया कारोबार शुरू करने के लिए दो करोड़ रुपये तक का ऋण दिया जाता है।
