विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

राजस्थान SET 2026: जयपुर में पेपर बांटने में देरी के आरोप में उम्मीदवार परीक्षा केंद्र से बाहर निकले

Published: Sun, 13 Sep 2026 10:34 PM (IST)

जयपुर में राजस्थान स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (SET-2026) के एक केंद्र पर प्रश्न पत्र वितरण में देरी से नाराज उम्मीदवारों ने विरोध प्रदर्शन कर परीक्षा का बहिष्कार किया।

पेपर बांटने में देरी के आरोप में उम्मीदवार परीक्षा केंद्र से बाहर निकले। (एएनआई)

पेपर बांटने में देरी के आरोप में उम्मीदवार परीक्षा केंद्र से बाहर निकले। (एएनआई) 

HighLights

  1. जयपुर SET 2026 परीक्षा में प्रश्न पत्र वितरण में देरी।

  2. नाराज उम्मीदवारों ने परीक्षा केंद्र पर विरोध प्रदर्शन किया।

  3. छात्रों ने देरी पर सवाल उठाने पर धमकाने का आरोप लगाया।

डिजिटल डेस्क, जयपुर। जयपुर में राजस्थान स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (SET-2026) के एक परीक्षा केंद्र पर तनाव बढ़ गया, जब कई परेशान उम्मीदवारों ने रविवार को प्रश्न पत्र बांटने ने लगभग 30 मिनट की देरी का आरोप लगाते हुए परीक्षा केंद्र छोड़ दिया। उम्मीदवारों ने बैनर रोड स्थित पिंक सिटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा का बहिष्कार किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा सुबह 11 बजे शुरू होनी थी, लेकिन आधे घंटे बाद तक भी पेपर नहीं आए। कई उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने देरी के बारे में संस्थान से सवाल किया, तो उन्हें धमकाया गया और कहा गया कि या तो वे अंदर जाकर चुपचाप बैठें या चले जाएं।

अनीता लांबा नाम की एक उम्मीदवार ने सवाल उठाया कि क्या गेट बंद होने के समय के एक मिनट बाद भी आने वाले उम्मीदवारों को अंदर जाने दिया जाएगा।

छात्र बोले- सवाल उठाने पर धमकाया गया

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि जब हमने संस्थान से सवाल किया, तो उन्होंने हमें धमकाया और कहा कि अगर हम परीक्षा देना चाहते हैं, तो हमें अंदर जाकर चुपचाप बैठना चाहिए, या हम जा सकते हैं। बच्चों के साथ ऐसा पहले भी होता रहा है, अभी भी हो रहा है और भविष्य में भी होता रहेगा। उन्होंने दावा किया कि पुलिस से बातचीत के बाद, प्रिंसिपल ने उन्हें एक नोटिस दिखाया जिसमें लिखा था कि परीक्षा रद की जा रही है।

उन्होंने कहा कि हमने यह बात मान ली है कि परीक्षा रद हो गई है। एक अन्य उम्मीदवार, सानिया कवल ने आरोप लगाया कि पेपर न आने के कारण उन्हें पांच और दस मिनट के अंतराल पर इंतजार करने के लिए कहा गया और बाद में पेपर देर से आने पर उन्हें अतिरिक्त समय देने की पेशकश की गई। उन्होंने कहा कि आखिरकार छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया।

उन्होंने बताया कि मेरे केंद्र पर इनविजिलेटर 11वीं कक्षा की छात्रा थी। वह कागजों पर ऐसे अनाड़ीपन से हस्ताक्षर कर रही थी जैसे कोई छोटा बच्चा कुछ लिख रहा हो। हमने पूछा कि सुबह 11:00 बजे तक पेपर क्यों नहीं आया, तो उन्होंने कहा कि यह रास्ते में है और हमसे पांच मिनट, फिर दस मिनट और इंतजार करने को कहा।

पेपर फिर भी नहीं आया, और जब वह दस मिनट की देरी से आया, तो उन्होंने कहा कि हमें अतिरिक्त समय मिलेगा... हम चाहते हैं कि रद की गई परीक्षा दोबारा हो, और दूसरी बात, हम चाहते हैं कि इस केंद्र को रद कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि वहां मौजूद अधिकारियों के सामने अपनी चिंताएं रखने के बाद वे आखिरकार परीक्षा में शामिल होने के लिए सहमत हो गए।

(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)