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राजस्थान में शिक्षा संकट, 1.21 लाख पद खाली; 7000 से अधिक स्कूल एक शिक्षक के सहारे

Published: Sat, 19 Sep 2026 10:04 PM (IST)

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में 1.21 लाख से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों के पद खाली होने से पढ़ाई बाधित हो ...और पढ़ें

राजस्थान में एक-एक शिक्षकों के भरोसे सात हजार से अधिक स्कूल

राजस्थान में एक-एक शिक्षकों के भरोसे सात हजार से अधिक स्कूल

HighLights

  1. 1.21 लाख से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों के पद खाली।

  2. सात हजार से अधिक स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रहे।

  3. ग्रामीण-शहरी स्कूलों में शिक्षकों के वितरण में भारी असमानता।

जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में एक लाख 21 हजार से अधिक शिक्षकों एवं अन्य श्रेणियों के पद खाली होने से सरकारी स्कूलों में पढ़ाई बाधित हो रही है।

प्रदेश में सात हजार से अधिक ऐसे स्कूल हैं, जो सिर्फ एक-एक शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं। जब ये शिक्षक अवकाश पर होते हैं या फिर किसी अन्य सरकारी कार्यक्रम में व्यस्त रहते हैं तो इन स्कूलों की पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो जाती है।

प्रदेश में 140 स्कूल ऐसे है, जहां एक भी छात्र नहीं है, लेकिन 190 शिक्षक कार्यरत हैं। राज्य के आदिवासी बहुल गांवों में कुछ प्राथमिक स्कूल तो ऐसे हैं जिनमें लंबे समय से शिक्षक की तैनाती नहीं हुई है।

प्रदेश के एक लाख छह हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में एक करोड़ सात लाख 93 हजार 158 शिक्षक कार्यरत हैं। एक तरफ जहां ग्रामीण स्कूलों में छात्रों के अनुपात में शिक्षक काफी कम है, वहीं शहरी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में जरूरत से अधिक शिक्षक तैनात हैं।

शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वरिष्ठ अध्यापक के 51,877, प्राध्यापक के 15,277, अध्यापक लेवल-प्रथम, अध्यापक लेवल-द्वितीय के 1,062, प्रयोगशाला सहायक के 1,435, शारीरिक शिक्षक के 1,735, कंप्यूटर अनुदेशक के 4,650, कनिष्ठ सहायक के 6355 और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के 24,384 पद रिक्त हैं।

जानकारी के अनुसार, जालौर, बूंदी, बाड़मेर एवं फलौदी में कई ऐसे सरकारी स्कूल हैं, जिनमें एक या दो शिक्षक तैनात हैं।

राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का आरोप है कि पिछली कांग्रेस सरकार में भर्ती नहीं होने से व्यवस्था बिगड़ी, लेकिन अब शिक्षा विभाग में भर्ती हो रही है। शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार किया जा रहा है।