जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान पुलिस की सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थियों के गिरोह का एक और खुलासा हुआ है। पिछले चार दिन से पुलिस प्रतिदिन इस तरह के गिरोह के सदस्यों को पकड़ रही है। शुक्रवार को जयपुर पुलिस ने परीक्षा में मूल परीक्षार्थियों के स्थान पर डमी अभ्यर्थी बैठाने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने तीन डमी अभ्यर्थियों के साथ ही चार दलाल और एक मूल परीक्षार्थी को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्यों ने मूल परीक्षार्थियों के आधार कार्ड और फोटो में कांट-छांट कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर रखे थे। प्रवेश पत्र भी फर्जी तरीके से तैयार किया हुआ था। इनके आधार पर डमी अभ्यर्थियों को बैठाकर परीक्षा दिलाई जा रही थी। पकड़े गए लोगों में एक प्रोफेसर और एक शिक्षक हैं।

मूल परीक्षार्थी से लेते थे 18 से 20 लाख रुपये नकद

डीसीपी नार्थ परिस देशमुख ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपितों में नेतराम मीणा, केदार मीणा, भभूता, भंवरलाल, महादेव, पुष्पेंद्र मीणा, हनुमाना राम और चनणा राम शामिल है। उन्होंने बताया कि शहर के ध्रुव बाल निकेतन स्कूल में परीक्षा केंद्र था। यहां डमी अभ्यर्थी मूल परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा तो शक के आधार पर पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। उससे की गई पूछताछ के आधार पर सात अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस गिरोह का सरगना नेतराम मीणा है। वह सवाईमाधोपुर के एक कालेज में प्रोफेसर है। उसका सहयोगी भंवरलाल बाड़मेर जिले के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक है। पूछताछ में सामने आया कि दोनों ने परीक्षा में नकल कराने और डमी परीक्षार्थियों के माध्यम से पैसा कमाने की योजना बनाई थी।

इसके लिए उन्होंने पिछले माह दौसा, करौली, सवाई माधोपुर व धौलपुर जिलों के स्टूडेंट्स से संपर्क किया। उन्होंने परीक्षा में बैठने वाले मूल परीक्षार्थियों से आधार कार्ड, फोटो और अन्य दस्तावेज लिए। दस्तावेजों में कांट-छांट कर फर्जी प्रवेश पत्र तैयार किए गए। इसके बाद मूल परीक्षार्थियों से 18 से 20 लाख में सौदा किया गया। इस रकम में से पांच लाख रुपये डमी परीक्षार्थियों, पांच लाख रुपये दलाल को देने के साथ ही 10 लाख रुपये रखने की योजना बनाई। कुछ मूल परीक्षार्थियों से पैसे अग्रिम भी लिए गए थे। डीसीपी ने बताया कि आरोपितों से पूछताछ के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के कई लोग पकड़े जा चुके हैं।

Edited By: Sachin Kumar Mishra