जयपुर, जागरण संवाददाता। Rajasthan News: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत(CM Ashok Gahlot) ने सरकार बदलने के साथ ही योजनाओं पर होने वाली कार्रवाई पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि जब सरकार बदलती है तो उसके बाद न केवल पिछली सरकार की योजनाओं को बंद किया जाता है, बल्कि उनमें कमियां तलाश कर मुकदमें दर्ज किए जाते हैं।

गहलोत ने कहा, मेरे खिलाफ भी पिछली बार 108 एंबुलेंस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। यही कारण है कि अब अधिकारी कोई काम करने से डरते हैं। गहलोत सोमवार को जयपुर स्थित अपने आवास पर मीडियाकर्मियों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सही है कि सरकार जिस मंशा से योजनाओं को गति देना चाहती है उसमें अधिकारी सहयोग नहीं करते हैं। गहलोत ने कहा कि जब भी सरकार बदलती है तो न केवल योजनाओं को बंद किया जाता है, बल्कि मुकदमें दर्ज होते हैं।

पिछली बार भाजपा सरकार ने हमारी सरकार की योजनाओं को बंद कर दिया था। कई योजनाओं में मुकदमें दर्ज किए गए थे। सरकार बदलने के साथ ही मुकदमें दर्ज करवाने की प्रवृति से अधिकारियों में भय बन गया है। अधिकारियों को लगता है कि कहीं कुछ कमी रह गई तो आने वाली सरकार उन पर मुकदमा दर्ज करवा देगी,इस कारण वे काम करने से पीछे हट जाते हैं।

गहलोत ने कहा, राजनीति में जो होता है वह दिखता नहीं है और जो होता है वह दिखता नहीं है। प्रदेश की सियासत में जो कुछ चल रहा है उसको मीडिया में कई तरह से तोड़ मरोड़ कर पेश किया है।

अड़ानी नियमों से काम करे तो दिक्कत नहीं

गहलोत ने बताया कि सात और आठ अक्टूबर को जयपुर में इन्वेस्ट राजस्थान समिट होने जा रही है। इस समिट में देश-विदेश के बड़े उद्योगपति शामिल होंगे। अड़ाणी समूह को लेकर गहलोत केंद्र सरकार पर आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे में सोमवार को जब सीएम से पूछा गया कि आप हमेशा अड़ाणी समूह पर अरोप लगाते रहे हैं, फिर इन्वेस्ट राजस्थान समिट में गौतम अड़ाणी को क्यों बुलाया जा रहा है।

इस पर गहलोत ने कहा कि अगर अड़ाणी नियमों कायदों के तहत काम करे तो हमें उनसे कोई दिक्कत नहीं है। दिक्कत तब होती है जब कोई नियमों के विपरित जाकर काम करे, लाभ ले, गहलोत ने बताया कि जयपुर के सीतापुरा में होने वाली इन्वेस्ट राजस्थान समिट में एल.एन.मित्तल, गौतम अड़ाणी, सी.के.बिरला, पुनीत चटवाल, डॉ.प्रवीर सिंहा, कमल बाली, अजय श्रीराम, अनिल अग्रवाल, बी.सन्धानम, संजीव पुरी ने शामिल होने की सहमति दी है। करीब तीन हजार प्रतिभागी इसमें सम्मिलित होंगे।

समिट से पहले गहलोत ने 1.42 लाख करोड़ रुपये के निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए 32 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से 32 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा । समिट के तहत 10.44 लाख करोड़ रुपये के 4192 एमओयू हो चुके हैं।

राजस्थान रत्न से सम्मानित करेंगे

गहलोत ने बताया कि समिट के दौरान अनिल अग्रवाल,एल.एन.मित्तल,जस्टिस दलबीर भंडारी,जस्टिस आर.एम लोढ़ा,के.एम.मांगू को राजस्थान रत्न से सम्मानित किया जाएगा । ये सभी मूल रूप से राजस्थान के निवासी हैं।

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Edited By: Vinay Kumar Tiwari

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