जयपुर, जेएनएन। Film Panipat. निर्देशक आशुतोष गोवारिकर की फिल्म पानीपत पर राजस्थान में विवाद शुरू हो गया है। फिल्म में भरतपुर के महाराज सूरजमल के बारे में दिखए गए अंशों पर राजस्थान का जाट समाज नाराज है और इसके खिलाफ प्रदर्शन चल रहे हैं, वहीं अब सरकार के पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह, सांसद हनुमान बेनीवल और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी फिल्म में महाराजा सूरजमल के बारे में गलत तथ्य दिखाए जाने पर आपत्ति जताई है।

राजस्थान सरकार के पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह जोकि महाराजा सूरजमल की 14वीें पीढ़ी हैं। उनका कहना है कि ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करते हुए फिल्म में महाराजा सूरजमल जैस महापुरुष का बहुत गलत ढंग से चित्रण किया गया है। उनका कहना है कि हरियाणा, राजस्थान और उत्तर भारत में जाट समुदाय के भारी विरोध को देखते हुए फिल्म पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। उनका कहना है कि मैं महाराजा सूरजमल जाट की 14वीं पीढ़ी से हूं। हकीकत यह है कि पेशवा और मराठा जब पानीपत युद्ध हार कर और घायल हो कर लौट रहे थे तो महाराजा सूरजमल और रानी किशोरी ने छह माह तक पूरी मराठा सेना और पेशवाओं को अपने यहां पनाह दी थी। यहां तक कि खांडेराव होलकर की मृत्यु भी भरतपुर की तत्कालीन राजधानी कुम्हेर में हुई थी। विश्वेन्द्रसिंह ने मांग की है कि यदि किसी वंश या महान व्यक्ति पर कोई फिल्म बनाई जाती है तो उसे रिलीज करने से पहले उसके परिजनों और समाज से अनुमति ली जाए। सरकार चाहे तो इसके लिए एक समिति बना दे।

वहीं, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर महाराजा सूरजमल के गलत चित्रण की निंदा की है। वसुंधरा राजे ने कहा है कि स्वाभिमानी, निष्ठावान और हृदय सम्राट सूरज मल का फिल्म निर्माता द्वारा फिल्म पानीपत में किया गया गलत चित्रण निंदनीय है।

वहीं, नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल का कहना है कि इस फिल्म से राजस्थान में कानूून व्यवस्था बिगड़ सकती है। सांसद बेनीवाल ने एक ट्वीट कर फिल्म के विवादित अंशों के बारे में सूचना व प्रसारण मत्री प्रकाश जावडेकर, सेंसर बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा है कि वे इसे देखें, ताकि प्रदेश की कानून व्यवस्था न बिगड़े। कोई फिल्म इतिहास को गलत ढंग से पेश नहीं कर सकती।

गौरतलब है कि वसुंधरा राजे का गृह जिला धौलपुर है,  जो भरतपुर के नजदीक ही है। वहीं, राजे और बेनीवाल दोनों ही जाट समुदाय से आते हैं और महाराजा सूरजमल का राजस्थान के जाट समुदाय सहित सभी वर्गों में बड़ा सम्मान है। वे भरतपुर के राजा थे।

वहीं, इस फिल्म को लेकर भरतपुर और श्रीगंगानगर सहित कई जिलों में प्रदर्शन हुए हैं और फिल्म के निर्देशक आशुतोष गोवारीकर के पुतले जलाए जा रहे हैं। लोगों को आपत्ति है कि फिल्म में महाराजा सूरजमल के चरित्र को गलत ढंग से दिखाया गया है। फिल्म में बताया गया है कि सूरजमल ने अफगानों के खिलाफ मराठों की मदद की, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो उन्होंने बाद में पेशवा सदाशिव भाउ का साथ नहीं दिया।

जोधा अकबर पर भी हो चुका है विवाद

गौरतलब है कि आशुतोष गोवारीकर की ही फिल्म जोधा अकबर पर भी राजस्थान में विवाद हो चुका है और यह फिल्म आज तक राजस्थान में व्यावसायिक रूप से प्रदर्शित नहीं हो पाई है। राजस्थान के राजपूत समाज ने इस फिल्म पर आपत्ति की थी और इसे लेकर राजस्थान में प्रदर्शन हुए थे। 

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Posted By: Sachin Mishra

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