जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान हाईकोर्ट ने बाल अपचारियों की सुनवाई को लेकर जारी उहापोह की स्थिती को साफ करते हुए पॉक्सो विशेष अदालतों को ही सुनवाई का अधिकार क्षेत्र माना है। हाईकोर्ट के इस निर्देश से बाल न्यायालयों और पॉक्सो कोर्ट के बीच अपील की सुनवाई को लेकर जारी असमंजस समाप्त हो गया ।

हाईकोर्ट ने ये आदेश एक बाल अपचारी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिये है।एक बाल अपचारी की ओर से अदालत में याचिका पेश कर अदालत को बताया गया कि किशोर न्याय बोर्ड के आदेश के खिलाफ कि गयी उसकी अपील पर बाल न्यायालय और पॉक्सो न्यायालय दोनों के सुनवाई नहीं कर रहे हैं।इस पर न्यायालय ने राज्य सरकार को स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।

राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आर.पी सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 16 दिसंबर, 2019 के आदेश की जानकारी देते हुए बताया कि पॉक्सो एक्ट के मामलों की सुनवाई स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में ही करने के निर्देश दिए गये है।सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना में राज्य सरकार ने 18 मई, 2020 की नोटिफिकेशन जारी की है और पॉक्सो कोर्ट का किशोर न्याय बोर्ड के आदेश के खिलाफ अपील नहीं सुनने का आदेश गलत है ।

इस पर जस्टिस अशोक कुमार गौड़ ने 18 मई, 2020 की नोटिफिकेशन को स्पष्ट करते हुए कहा है कि ऐसे मामले में जिनमें पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध हो उनकी अपील पॉक्सो कोर्ट ही करेगा. कोर्ट ने रजिस्ट्रार ज्यूडिश्यल को आदेश की कॉपी राज्य की सभी पॉक्सो कोर्ट को भेजने के निर्देश भी दिए हैं। 

Posted By: Preeti jha

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