जागरण संवाददाता, जयपुर : राजस्थान सरकार हरियाणा की तर्ज पर निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की तर्ज पर कानून नहीं बनाएगी । प्रदेश में उधोगों सहित अन्य निजी संस्थानों में किसी भी राज्य का युवा काम कर सकेगा। उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा ने मंगलवार को विधानसभा में विधायक संदीप यादव के सवाल पर साफ किया कि स्थानीय युवाओं को रोजगार की अनिवार्यता के प्रावधान वाले कानून बनाए जाने को लेकर किसी तरह का विचार नहीं  किया जा रहा है । 

यादव ने कानून बनाने की मांग उठाई थी

यादव ने हरियाणा और अन्य राज्यों की तर्ज पर स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की अनिवार्यता के लिए कानून बनाने की मांग उठाई थी। इसका जवाब देते हुए मीणा ने इंकार किया। उन्होंने कहा प्रदेश में निजी क्षेत्र में श्रमिकों की आवश्यक्ता के अनुसार स्थानीय युवाओं में जरूरी कौशल उपलब्धता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। निजी क्षेत्र में रोजगार देने की योग्यता का चयन जरूरत के हिसाब से होता है।

स्थानीय युवाओं को काम नहीं मिल रहा

प्रदेश में रोजगार सृजन और उधोगों को बढ़ावा देने के उद्धेश्य से राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना लागू की गई है। कई विधायक लंबे समय से निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलने का मामला उठाते रहे हैं। इन विधायकों का कहना है कि बिहार और उत्तरप्रदेश के युवा बड़ी संख्या में भिवाड़ी, नीमराणा, जयपुर सहित कई क्षेत्रों में रोजगार कर रहे हैं, जिसके कारण स्थानीय युवाओं  को काम नहीं मिल रहा है।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप