जागरण संवाददाता,जयपुर। राजस्थान के भाजपा विधायक पानाचंद मेघवाल ने लिखित सवाल के जरिए विधानसभा में कोचिंग छात्रों की आत्महत्या का मामला उठाया । साथ ही छात्रों की काउंसलिंग और सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाने की जानकारी मांगी । जिस पर सरकार की तरफ से बताया गया कि कोचिंग संस्थानों पर नियंत्रण के लिए सरकार शीघ्र ही कानून बनाएगी । इसके लिए विधानसभा में विधेयक पारित करवाया जाएगा।

पिछले चार साल में कोटा में छात्रों की आत्महत्या के 53 मामले दर्ज 

शिक्षा विभाग द्वारा कोटा सहित प्रदेशभर में संचालित कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों को मानसिक संबंल एवं सुरक्षा प्रदान करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार की तरफ से बताया गया कि कोटा संभाग में पिछले चार साल में स्कूल,कालेज एवं कोचिंग संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या के 53 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से 52 मामले कोटा शहर के कोचिंग संस्थानों में अध्ययन करने वाले छात्रों की आत्महत्या से जुड़े हुए हैं।

राजस्थानियों के लिए आरक्षण का प्रावधान लागू नहीं होगा

वहीं भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी के सवाल के जवाब में शिक्षामंत्री डॉ.बी.डी.कल्ला ने बताया कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों में बाहरी लोगों को रोकने के लिए केवल राजस्थानियों के लिए आरक्षण का प्रावधान लागू नहीं होगा । उन्होंने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 16(2) के अनुसार निवास स्थान के आधार पर सार्वजनिक नियोजन में भेदभाव नहीं किया जा सकता है। निवास स्थान के आधार पर सरकारी नौकरी में कानूनी प्रावधान का अधिकार अनुच्छेद 16 (3) के अनुसार केवल संसद को है।

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Edited By: Piyush Kumar

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