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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजस्थान सरकार का पानी पर पहरा, नहर का पानी रोकने के लिए खुलेंगे पुलिस थाने

By Priti JhaEdited By:
Published: Mon, 07 Jun 2021 09:51 AM (IST)Updated: Mon, 07 Jun 2021 11:53 AM (IST)

प्रत्येक पुलिस थाने में 55 से 60 पुलिसकर्मी तैनात होंगेराजस्थान सरकार इंदिरा गांधी नहर से पानी की चोरी रोकने के ...और पढ़ें

इंदिरा गांधी नहर से पानी की चोरी रोकने के लिए राजस्थान सरकार का पानी पर पहरा
इंदिरा गांधी नहर से पानी की चोरी रोकने के लिए राजस्थान सरकार का पानी पर पहरा

जागरण संवाददाता,जयपुर। राजस्थान सरकार इंदिरा गांधी नहर से पानी की चोरी रोकने के लिए पुलिस थाने खोलेगी। नहर किनारे खोले जाने वाले पुलिस थानों में तैनात पुलिसकर्मी दिन-रात चौकसी कर दबंग और प्रभावशाली किसानों द्वारा की जाने वाली पानी की चोरी को रोकेेंगे। ये थानों का खोलने का मकसद सभी किसानों को अनुपात में पानी उपलब्ध करवाना है। नहर किनारे 12 पुलिस थाने खोले जाने की योजना है। इनमें से पहला थाना नोहर में खोले जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक पानी चोरी रोकने के लिए सशस्त्र बल के जवान ही गश्त करते थे। लेकिन नहर से लाभान्वित होने वाले किसानों की संख्या अधिक होने और नहर लंबी होने के कारण सरकार ने स्थायी पुलिस थाने खोलने का फैसला किया है ।

प्रत्येक पुलिस थाने में 55 से 60 पुलिसकर्मी नियुक्त किए जाएंगे। पुलिस इंस्पेक्टर को थाना अधिकारी नियुक्त किया जाएगा । भविष्य में निश्चित दूरी पर थाने खोले जाएंगे। बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, जोधपुर आदि जिलों में पानी की ज्यादा चोरी होती है। इस कारण इन जिलों में नहर किनारे ज्यादा थाने खोले जाने की योजना है। राज्य के पुलिस महानिदेशक एम.एल.लाठर ने इंदिरा गांधी नहर से लाभान्वित होने वाले जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पानी की चोरी रोकने के लिए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं ।

ऐसे होती है पानी की चोरी

पानी की चोरी रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा नहर में साइफन लगाया जाता है। पानी चोरी करने वाले प्रभावशाली किसान रात के समय एक लंबे पाइप को इंदिरा गांधी नहर में डालकर पानी को अपने खेत में डाल लेते हैं । रात में सिंचाई करने के बाद दिन में इस पाइप को हटा दिया जाता है।

नहर की डिग्गी और मुख्य नहर के आसपास साइफन लगे हुए होते हैं। वहीं खाले में से पानी रोक कर किसान अपने खेत में डाल लेते हैं। इससे अन्य किसानों को जरूरत के हिसाब से पानी नहीं मिल पाता और उनकी फसल को नुकसान होता है। जलदाय मंत्री डॉ.बी.डी.कल्ला का कहना है कि सभी को समान रूप से पानी मिले, इसलिए सख्ती की जा रही है। पानी चौरी करते हुए पकड़े जाने पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होगा। पानी की चोरी गंभीर अपराध है।