जयपुर, नरेंद्र शर्मा । राजस्थान इंटेलिजेंस की सूचना के मुताबिक प्रदेश में कोरोना के तेजी से फैलने का मुख्य कारण दिल्ली के निजामुद्दीन के मरकज से लौटे तब्लीगी जमात के लोग है। 14 जिलों में पहुंचे जमातियों ने एक बार तो राजस्थान को खतरे में डाल दिया,लेकिल पुलिस और चिकित्सा विभाग की सक्रियता से अधिकांश इलाकों में इन लोगों को पकड़कर जांच की गई है ।

प्रदेशभर में करीब 500 लोगों को आइसोलेट और क्वारेंटाइन किया गया है। राज्य सरकार ने देश में सबसे पहले लॉकडाउन की घोषणा की थी। ऐसे में ये लोग लॉकडाउन तोड़कर एक से दूसरे जिले में पहुंचे हैं। राज्य सीआईडी और एटीएस के अधिकारी इस मामले में अधिकारिक रूप से तो बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन सरकार सौंपी रिपोर्ट में उन्होंने माना कि दिल्ली से आए तब्लीगी अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में ही गए। उन्होंने अपना ठिकाना मस्जिद,दरगाह या फिर अल्पसंख्यक बहुल मोहल्लों को बनाया ।

इस रिपोर्ट में सामने आया कि दिल्ली और यूपी से सटे प्रदेश के भरतपुर जिले के मेवात में 132 लोग पहुंचे और यहां मस्जिद अथवा किसी मौलवी के घर ठहरे। तीन दिन की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस इन्हे तलाश सकी। जांच में खुलासा हुआ है कि लॉक डाउन के दौरान दिल्ली से आए मरकज में शामिल तबलीगी जमात के लोगों ने लॉक डॉउन तोड़ने के लिए कहीं एम्बुलेंस का तो कोई जानवरों के चारे के ट्रकों का सहारा लिया। ये लोग मरीज बनकर एम्बुलेंस से एक से दूसरे जिले में पहुंचे। कुछ लोग पैदल चलकर भी आए। सबसे बड़ी चौकाने वाली बात जांच में सामने आई कि दिल्ली से 23 लोग भारत-पाक सीमा पर जैसलमेर जिले के पोखरण में पहुंच गए। ये यहां एक मस्जिद में तीन दिन ठहरे और फिर एक परिचित एंबुलेंस चालक के सहयोग से ये सभी जोधपुर पहुंचे। जांच के बाद पुलिस ने एंबुलेंस चालक यारू खां को संक्रमण फैलाने के आरोप में गिरफ्तार कर अब पूछताछ की जा रही है ।

पुलिस और चिकित्सा विभाग की सतर्कता से हालात काबू में आने लगे

गुरूवार को सामने आया कि जयपुर के रामगंज इलाके में मस्जिद और तंग गलियों में जमात के 87 लोगों के लॉकडाउन के दौरान रुके थे इनमें से कुछ मौका देखकर अन्य जिलों में चले गए। सरकार की ओर से बार-बार अपील करने के बावजूद ये लोग जांच कराने के लिए आगे नहीं आए।

अब हालात ऐसे हो गए हैं कि रामगंज में कोरोनावायरस का आंकड़ा सौ को पार कर गया। जमातियों के आने से पहले प्रदेश के 6 जिलों में कोरोना पॉजिटिव मिले थे। लेकिन जमातियों के कारण 22 जिलों में संक्रमण फैल चुका है।

जानकारी के अनुसार झुंझुनूं जिले के अल्पसंख्यक इलाकों में 109, अलवर के मेवात और दिल्ली से सटे इलाकों में 172, बीकानेर में 36, जोधपुर में 42, पाली में 10, चूरू में 20, सीकर में 33, धौलपुर में 13, करौली में 37, कोटा में 4, अजमेर में 31, टोंक में 9 एवं दौसा में 4 लोग दिल्ली से पहुंचे थे। पुलिस एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारी अनौपचारिक बातचीत में स्वीकारते हैं कि प्रदेश में पॉजिटिव मामले बढ़ने का सबसे बड़ा कारण ये लोग ही हैं। 

Posted By: Preeti jha

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