जागरण संवाददाता, जयपुर। करीब चार माह बाद होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने टिकट चाहने वालों को शक्ति प्रदर्शन नहीं करने की हिदायत दी है। टिकटार्थियों को अब पहले की तरह स्क्रीनिंग कमेटी और पर्यवेक्षकों के समक्ष आवेदन नहीं करना होगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी निचले स्तर के कार्यकर्ताओं और जिला कांग्रेस कमेटियों से फीडबैक लेकर प्रत्येक विधानसभा सीट के लिए संभावित प्रत्याशियों की सूची तैयार कर स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करेगी। स्क्रीनिंग कमेटी में इस सूची के नामों पर चर्चा होगी और फिर केंद्रीय चुनाव समिति से प्रत्याशियों के नामों पर मुहर लगेगी।

राज्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस टिकट तय करने की प्रक्रिया में बदलाव कर रही है। अब तक कांग्रेस नेतृत्व जिलों में पर्यवेक्षक भेजकर कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों के माध्यम से संभावित प्रत्याशियों के नामों पर फीडबैक लेती थी। इसके बाद पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट पर स्क्रीनिंग कमेटी विचार करती थी। टिकट चाहने वाले नेता स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों और पर्यवेक्षकों के समक्ष शक्ति प्रदर्शन करते थे, इस कारण गुटबाजी बढ़ने के साथ ही संसाधनों का भी दुरुपयोग होता था। इसे रोकने के लिए अब शीर्ष नेतृत्व अपने स्तर पर ही सर्वे एजेंसियों और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के माध्यम से संभावित प्रत्याशियों का फीडबैक लेगा।

पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद पुरानी परंपरा समाप्त करने पर बात हुई है। पीसीसी ने जिला कांग्रेस कमेटियों के माध्यम से टिकटार्थियों को शक्ति प्रदर्शन नहीं करने की हिदायत दी है।

स्क्रीनिंग कमेटी वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा करेगी

पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा की अध्यक्षता में गठित प्रदेश की स्क्रीनिंग कमेटी अगस्त में राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रत्याशियों के चयन को लेकर चर्चा करेगी। कमेटी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत, डॉ.सीपी जोशी, मोहन प्रकाश, पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेन्द्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चा करेगी।

अग्रिम संगठनों के अध्यक्षों को टिकट नहीं

राज्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के अग्रिम संगठनों में युवक कांग्रेस को छोड़कर शेष अन्य सेवादल, एनएसयूआई और महिला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों को टिकट नहीं देने पर विचार किया जा रहा है।

Posted By: Sachin Mishra