'अन्नदाता' अब बना 'ऊर्जादाता', फीडर-स्तर के सौर संयंत्रों में राजस्थान देश में प्रथम: सीएम भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीएम-कुसुम योजना के लाभार्थी किसानों से संवाद किया, जिसमें राजस्थान को हरित ऊर्जा का अग्रणी केंद्र ...और पढ़ें

HighLights
मुख्यमंत्री ने पीएम-कुसुम लाभार्थी किसानों से किया संवाद।
राजस्थान हरित ऊर्जा का अग्रणी केंद्र, 5000 मेगावाट से अधिक क्षमता।
किसानों को दिन में बिजली, आय में वृद्धि, आत्मनिर्भरता।
मुख्यमंत्री शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीएम-कुसुम योजना के लाभार्थी किसानों से संवाद कर रहे थे।
पीएम-कुसुम योजना में राजस्थान की बड़ी छलांग
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि पीएम-कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए और सी के तहत राजस्थान में अब तक 2 हजार 300 से अधिक सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 5 हजार मेगावाट से अधिक है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि फीडर स्तर पर स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों की क्षमता के आधार पर राजस्थान पूरे देश में प्रथम स्थान पर है।
2027 तक हर किसान को दिन में बिजली देने का संकल्प
किसानों की पुरानी मांग को पूरा करने की दिशा में राज्य सरकार के संकल्प को दोहराते हुए श्री शर्मा ने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 26 जिलों के 3 लाख 34 हजार से अधिक किसानों को दिन में बिजली मिल रही है और जल्द ही शेष जिलों को भी इससे जोड़ा जाएगा।
इस संकल्प को पूरा करने के लिए प्रसारण तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 400, 220 और 132 केवी के 61 ग्रिड सब स्टेशन तथा 33 केवी के 498 नए सब स्टेशन स्थापित किए गए हैं। साथ ही, भविष्य की जरूरतों के लिए 12 हजार 400 मेगावाट ऑवर बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने की परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है।
बीज से बाजार तक किसानों के साथ मोदी सरकार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों की खुशहाली के लिए 'बीज से बाजार तक' अनेक योजनाएं संचालित की हैं। पीएम-किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना और पीएम-कुसुम जैसी पहलों ने किसानों की आय को सुरक्षित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने किसान सम्मान निधि की राशि को 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये वार्षिक कर दिया है। किसानों को बिजली बिलों में 61 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान (सब्सिडी) दिया गया है। राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड लोन योजना के तहत 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा उत्पादक किसानों से सीधा संवाद किया और योजना से उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों और अनुभवों पर चर्चा की। इस अवसर पर जयपुर में ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, वरिष्ठ अधिकारी और सौर ऊर्जा उत्पादक किसान मौजूद रहे। इसके अलावा जोधपुर, बीकानेर और अजमेर से भी अधिकारी एवं सौर ऊर्जा उत्पादक किसान वीसी के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
