जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पत्र लिखकर सतलुज नदी का प्रदूषित पानी हरिके बैराज में छोड़े जाने से राज्य के लोगों के स्वास्थ्य पर हो रहे विपरीत असर के बारे में कहा है। गहलोत ने चन्नी से कहा कि वह व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर सतलुज नदी का पानी चरणबद्ध तरीके से साफ कराने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि राजस्थान फीडर के पानी का उपयोग सिंचाई के साथ ही 10 जिलों में पीने के लिए भी होता है। करीब पौने दो करोड़ लोग पानी पीते हैं। उन्होंने सर हिंद फीडर और राजस्थान फीडर के पंजाब में शेष रहे रिलाइनिंग के काम को अगली नहर बंदी के दौरान पूरा करने का आग्रह भी किया है। गहलोत ने कहा कि सर हिंद फीडर व राजस्थान फीडर के रिलाइनिंग का काम जून, 2021तक पूरा होना था। राजस्थान ने तो 60 दिन नहर बंदी कर के 97 किलोमीटर में सुधार कर लिया, लेकिन पंजाब में यह काम अभी शेष है।

उल्लेखनीय है कि सतलुज नदी में प्रदूषण का बड़ा कारण लुधियाना की फैक्ट्रियां हैं। इन फैक्ट्रियों का केमिकल युक्त पानी बुड्ढा नाले के माध्यम से सतलुज नदी में गिरता है। इस कारण पानी प्रदूषित हो जाता है। राजस्थान जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदूषित पानी की रोकथाम के लिए साल, 2020 तक पंजाब सरकार द्वारा आवश्यक कदम उठाए जाने थे। सतलुज नदी में प्रदूषित पानी नहीं मिले, इसके लिए लुधियाना और जालंधर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और सामान्य अपशिष्ट उपचार प्लांट बनाया जाना है। सतलुज का पानी राजस्थान तक आता है।

गहलोत के ओएसडी का ट्वीट राहुल से नहीं मिले सीएम

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की दिल्ली यात्रा के चार दिन बाद उनकी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की खबरों को गलत बताया गया है। सीएम के ओएसडी लोकेश शर्मा ने ट्वीट कर कहा कि राहुल गांधी के आवास पर राजस्थान को लेकर बनी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की समिति की बैठक हुई थी। इस बैठक में सीएम के अतिरिक्त कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी अजय माकन शामिल हुए। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि सीएम की राहुल गांधी से मुलाकात नहीं हुई है। 

Edited By: Sachin Kumar Mishra