जागरण संवाददाता, जयपुर। Coronavirus: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रविवार को अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे। कोरोना महामारी के कारण गहलोत ने अपना जन्मदिन नहीं मनाने का निर्णय लिया है। गहलोत ने कहा कि राजस्थान की जनता ने उन्हें हमेशा ही भरपूर स्नेह और आशीर्वाद दिया है। यहीं उनकी पूंजी है। संकट की घड़ी में वे स्वयं व पूरी राज्य सरकार जनता के साथ खड़ी है। कोरोना की जंग जीतने के लिए प्रदेश की जनता जिस धैर्य,अनुशासन एवं त्याग का परिचय दे रही है वह सराहनीय है।

कोरोना संक्रमण के बीच गहलोत सरकार ने जारी किया महामारी अध्यादेश

फैलते कोरोना संक्रमण के बीच राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने प्रदेश में महामारी अध्यादेश लागू किया है। अध्यादेश में महामारी के दौरान सरकार द्वारा तय नियमों एवं गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर 2 साल की सजा या 10 हजार रुपये जुर्माना अथवा दोनों एक साथ किए जाने का प्रावधान है। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग की अवेहलना करने वालों पर 100 रुपये, मास्क नहीं पहनने पर 200 रुपये, बिना मास्क सामान बेचने पर 500 रुपये सार्वजनिक स्थान पर मद्यपान करने पर 500 रुपये, गुटखा थूकने पर 200 रुपये बिना अनुमति शादी करने पर 5 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। पिछले डेढ़ माह से जारी कोराना संक्रमण के बीच गहलोत सरकार यह अध्यादेश लेकर आई है।

विधानसभा के आगामी सत्र में इसे विधेयक के रूप में पारित कराया जाएगा। प्रदेश में पूर्व में राजस्थान संक्रामक रोग अधिनियम-1957 लागू था। यह कानून काफी पुराना होने के कारण समय के साथ कई खामी भी सामने आ रही थी। कोरोना संक्रमण का दौर शुरू होते ही इस कानून को लेकर सरकार ने मंथन शुरू कर दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गृह एवं विधि विभाग के अधिकारियों ने अध्यादेश लाने की तैयारी शुरू की थी। अध्यादेश को शनिवार को राज्यपाल कलराज मिश्र ने अपनी प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए मंजूरी दे दी। नए अध्यादेश के तहत किसी भी व्यक्ति,समुह अथवा संस्था के खिलाफ केस दर्ज कर कंपाउंड करने की शक्ति राज्य सरकार को मिली है।

जिला कलेक्टरों की शक्तियों का दायर भी बढ़ाया गया है। महामारी के दौरान जिलों में कलेक्टर द्वार तय की गई गाइडलाइन की पालना करना आवश्यक किया गया है। इसका उल्लघंन करने पर जिला कलेक्टर एवं पुलिस आयुक्त के निर्देश पर मामले दर्ज होंगे। महामारी के समय सार्वजनिक कार्यक्रम करने, थूकने, जानबूझकर महामारी को फैलाने में सहयोग करने, चिकित्सकों एवं पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रव्यवहार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

उल्लेखनीय है कि 1957के राजस्थान संक्रमण रोग अधिनियम में 6 माह की सजा और 10 हजार रूपए के जुर्माने का तो प्रावधान था,लेकिन अन्य कई ऐसे बिन्दु शामिल नहीं थे जो वर्तमान परिपेक्ष्य में आवश्यक थे । इन्हे अब नए अधिनियम में शामिल किया गया है। इस अध्यादेश में अब अधिकारियों को कानूनी कार्रवाई का अधिकार मिला है।

गहलोत बोले, रेड जोन को ग्रीन जोन में बदलने के लिए धैय आवश्यक

लॉकडाउन-3 को लेकर केंद्र सरकार की गाइडलाइन जारी होने के बाद राजस्थान सरकार ने भी अपना रोडमैप तैयार कर लिया गया है। इसमें केंद्र सरकार द्वारा तय की गई गाइडलाइन के अलावा कुछ अन्य बिंदु जोड़े गए हैं। राज्य सरकार की गाइडलाइन संभवत:रविवार को जारी होगी । उधर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि जोन के अनुसार लॉकडाउन बढ़ाया गया है, मैं राजस्थान में सभी रेड जोन को ग्रीन जोन में बदलने में जनता का सहयोग चाहता हूं।

लोग धैर्यपूर्वक नियमों का पालन करते रहे हैं। हमें विस्तारित लॉकडाउन के दौरान दिशा-निर्देशों का पालन करना जारी रखना है।सभी क्षेत्रों के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। हमें कोरोना को हराने के लिए सख्ती से पालन करने की आवश्यकता है। ज्यादा से ज्यादा घर के अंदर रहना। हमेशा बाहर जाने और किसी भी तरह की भीड़ से बचना चाहिए। बाहर जाते हुए मास्क जरूर पहने।राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जरूरत के सामान की दुकानें खुली रहेंगी। लोग कहीं भी भूखे न रहे, सभी को भोजन मिले, राशन और आर्थिक गतिविधियां भी शुरू हों।

राजस्थान सरकार ने लॉकडाउन-3 की गाइडलाइन तय की

केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन-3 को लेकर गाइडलाइन जारी करने के बाद शनिवार देर रात राजस्थान सरकार ने भी भी अपनी गाइडलाइन तय कर दी । इसके तहत शादी समारोह में 50 से अधिक लोगों के मौजूद रहने पर रोक रहेगी । अंतिम संस्कार में 20 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे । कार्य स्थलों पर प्रवेश व निकास द्वार पर थर्मल स्केनिंग होने के साथ ही सेनेटाइजर से व हाथ धोने की व्यवस्था करना आवश्यक होगा । 65 साल से अधिक,10 साल से कम व गर्भवती महिलाओं के साथ ही बीमार लोगों के बाहर निकलने पर रोक रहेगी । सामाजिक,राजनीतिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सकेंगे ।

धार्मिक स्थल 17 मई तक बंद रहेंगे । बसों का संचालन ग्रीन जोन वाले प्रदेश के 6 जिलों में ही हो सकेगा । रेड और ओरेंज जोन में फिलहाल बस संचालन पर रोक रहेगी । साइकिल,आॅटो रिक्शा,टैक्सी व कैब ग्रीन और ओरेंज जोन में चल सकेगी । निर्माण कार्यों के साथ ही इलेक्ट्रीक दुकानें,कूरियर सर्विस,ई-कॉमर्स,स्टेशनरी,मोबाइल की दुकानें,शहरी क्षेत्रों के आधोगिक क्षेत्रों व सेज की फैक्ट्रियों में उत्पादन ग्रीन,ओरेंज व रेड जोन में हो सकेगा।

सरकारी कार्यालयों में 33 प्रतिशत स्टाफ को ही बुलाना होगा,शेष स्टाफ वर्क टू होम करेंगे । शराब की दुकानें,प्लंबर की दुकानें व माल वाहक निजी चार पहिया वाहन ग्रीन,ओरेंज व रेड जोन में चल सकेंगे । सभी लोगों को घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाना व सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करना अनिवार्य होगा ।

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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