जयपुर, एएनआइ। Coronavirus: राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत की पत्नी सुनीता गहलोत कोरोना पॉजिटिव आईं हैं। प्रोटोकॉल के अनुसार, होम आइसोलेशन में उनका ट्रीटमेंट प्रारंभ हो गया है। अब मैं एहतियातन आइसोलेशन में रहकर चिकित्सकों व अधिकारियों के साथ रोजाना होने वाली कोविड समीक्षा बैठक लूंगा। अशोक गहलोन ने बुधवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी। वहीं, बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच ऑक्सीजन की कमी और अन्य जीवन रक्षक दवाईयों की कमी को लेकर राजस्थान सरकार लगातार केंद्र सरकार पर हमला बोल रही है। अशोक गहलोत सरकार के मंत्री मोदी सरकार पर राजस्थान के साथ भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं। चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने दो दिन पहले कहा कि ज्यादा मरीज होने के बावजूद केंद्र सरकार भाजपा शासित राज्यों को राजस्थान से ज्यादा ऑक्सीजन दे रही है।

केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने मंत्रियों व अधिकारियों का एक समूह गठित किया है जो दिल्ली जाकर केंद्र सरकार के मंत्रियों व अधिकारियों के समक्ष ऑक्सीजन एवं दवाईयों के अधिक आवंटन को लेकर पक्ष रखेगा। इसी बीच खुद राजस्थान सरकार की लापरवाही सामने आई है। केंद्र सरकार ने अलवर में 600 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए पिछले साल स्वीकृति जारी कर थी। पीएम केयर से इसके लिए बजट का आवंटन भी हो गया था। लेकिन चिकित्सा विभाग की लापरवाही के कारण यह प्लांट अब तक नहीं लग सका। अलवर जिला अस्पताल में लगने वाले इस प्लांट के लिए मशीनें भी आ गई,लेकिन इन्हेंं लगाया नहीं गया।

अब जब बढ़ते संक्रमितों के कारण ऑक्सीजन की मांग बढ़ी तो जिला कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया ने सरकार से प्लांट शुरू करने का आग्रह किया है। पहाड़िया ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डायरेक्टर सुधीर शर्मा को पत्र लिखकर कहा कि ऑक्सीजन की खपत लगातार बढ़ रही है,यहां डी टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में प्लांट शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार ने पिछले साल इसकी स्वीकृति दी। इस साल मार्च में मशीनें भी आ गई, लेकिन प्लांट को शुरू नहीं किया जा सका। इसके साथ ही टोंक, करौली, भरतपुर, दौसा और धौलपुर जिलों में रिफिल प्लांट नहीं होने के कारण जयपुर से ऑक्सीजन भेजी जा रही है।

 

Edited By: Sachin Kumar Mishra