जागरण संवाददाता, जयपुर। Coronavirus. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि राजस्थान में कोरोना संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है। करीब पांच करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। गहलोत मौजूदा हालत में लॉकडाउन हटाने के पक्ष में नहीं हैं। गहलोत का मानना है कि लॉकडाउन चरणबद्ध तरीके से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को राज्यों को लॉकडाउन बढ़ाने का अधिकार देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण राज्यों की आर्थिक स्थिति काफी खराब है, केंद्र सरकार को चाहिए कि राज्यों को एक लाख करोड़ रुपये का पैकेज दे।

गहलोत बोले, तब्लीगी जमात मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट जज से कराई जाए

इस बीच, गहलोत ने दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के जलसे के मामले में सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा या सेवानिवृत जज से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच कराने के बाद जिम्मेदारी तय हो सकेगी। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए, क्योंकि किसी भी धर्म या समुदाय के व्यक्ति से गलती हो सकती है। इस मामले में जो दोषी हों, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले की जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दोषी कौन हैं जो दोषी पाए जाएं उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।मुख्यमंत्री गहलोत ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि इस जांच से यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि इसमें प्रशासन की भी गलती है या नहीं।

27 नए कोरोना पॉजिटिव मिले, कुल आंकड़ा 328 तक पहुंचा

राजस्थान में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। प्रदेश में मंगलवार को 27 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए। इस तरह अब तक प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव का कुल आंकड़ा 328 तक पहुंच चुका है। मंगलवार को सबसे अधिक नौ मामले जोधपुर, बांसवाड़ा एवं जैसलमेर में सात-सात मामले सामने आए हैं। जयपुर में तीन और चूरू में एक नया संक्रमित मिला है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कारण अब तक छह लोगों की मौत हुई है। प्रदेश के 23 में से 22 जिले कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। जयपुर, झुंझुनूं और जोधपुर में लगातार बढ़ रही संक्रमितों की संख्या को देखते हुए सरकार ने घर-घर सर्वे का काम तेज कर दिया है। स्क्रीनिंग के लिए नई टीमें गठित की गई हैं।

राज्य में चिकित्सा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह का कहना है कि अधिकांश संक्रमण लोगों के आपसी मेल-मुलाकात के कारण हुआ है, लेकिन फिर भी राजस्थान कोरोना के तीसरे चरण में नहीं पहुंचा है। प्रदेश में अब तक पॉजिटिव पाए गए 328 में से 37 लोगों को उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। ये पहले पॉजिटिव थे, अब नेगेटिव हो गए।

जयपुर ने बढ़ाई चिंता

प्रदेश में सबसे पहले कोरोना जोन बने भीलवाड़ा में तो पहले कर्फ्यू और फिर महाकर्फ्यू  के बाद संक्रमण पर काबू पा लिया गया, लेकिन जयपुर सरकार के लिए चिंता का विषय बन गया है। यहां अब तक 103 पॉजिटिव सामने आए हैं। इनमें से 86 लोग तो एक व्यक्ति के कारण संक्रमित हुए हैं। वह व्यक्ति ओमान से आया और फिर बिना जांच कराए घर में ही रहने लगा, तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचा तो उसे कोरोना पीड़ित पाया गया। उसकी ट्रेवल हिस्ट्री और पूछताछ के बाद कराई गई जांच में सामने आया कि परिजनों एवं परिचितों सहित 80 लोगों को उसकी गलती ने कोरोना की चपेट में ले लिया। झुंझुनूं भी कोरोना का हॉट स्पॉट बना हुआ है यहां अब तक 23 मामले मिले हैं। अब तक जोधपुर में 30, अजमेर, अलवर, डूंगरपुर और भरतपुर में पांच-पांच, बांसवाड़ा में नौ, भीलवाड़ा में 27, बीकानेर और चूरू में 11-11, दौसा में छह, धौलपुर, करौली, सीकर और नागौर में एक-एक,कोटा में 10, प्रतापगढ़ व पाली में दो-दो, टोंक में 20, जैसलमेर में आठ, उदयपुर में चार और ईरान से एयरलिफ्ट कर लाए गए 36 लोगों में कोरोना पॉजिटिव मिला है। इन लोगों को जोधपुर व जैसलमेर में सेना के वेलनेस सेंटर में रखा गया है। 590 सैंपल की जांच रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

कई शहरों में कर्फ्यू और लॉकडाउन का 14वां दिन

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए प्रदेश के 10 शहरों एवं कस्बों में लगाया गया कर्फ्यू मंगलवार को भी जारी रहा। भीलवाड़ा में पिछले 13 दिन से कर्फ्यू लगा हुआ है, यहां पांच दिन से महाकर्फ्यू जारी है। जयपुर के आठ पुलिस थाना क्षेत्रों, झुंझुंनू के आधे शहर, मंडावा और खेतड़ी, दौसा शहर, टोंक शहर, जोधपुर व अजमेर के चार-चार पुलिस थाना क्षेत्रों व उदयपुर के दो थाना क्षेत्रों में मंगलवार को भी कर्फ्यू जारी रहा। जयपुर में ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। उधर, लॉकडाउन के 14वें दिन प्रदेश में पूरी तरह से शांति रही। 

खुद की जिंदगी दांव पर लगाकर, दूसरों का जीवन बचा रहे 'कोरोना वॉरियर्स'

एक तरफ जहां प्रदेश के 22 जिले कोरोना का दंश झेल रहा है, वहीं दूसरी तरफ अस्पतालों में डॉक्टर, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ कोरोना मरीजों का इलाज करने के लिए पिछले एक माह से दिन-रात मेहनत कर अपने परिवार वालों से दूर रहकर न केवल वार्ड बल्कि आइसीयू को तैयार किया। ये ऐसे कोरोना वॉरियर्स हैं, जिन्होंने संक्रमण की परवाह किए बिना 23 वार्डों में कोरोना संक्रमित मरीजों को दवा, ऑक्सीजन, मास्क, वेंटिलेर्टस उपलब्ध करवाने का काम कर रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम ने कोरोना पॉजिटिव और संदिग्ध मरीजों के लिए बनाए वार्ड, आइसीयू और अन्य सुविधाएं जुटाने में रहें। जब आमजन में कोरोना संक्रमण का खौफ है। ऐसे में अपनी जिंदगी को दांव पर लगाने वाले डॉक्टर, नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ के जज्बे को सलाम है। कोविड 19 के लिए एसएमएस अस्पताल में इमरजेंसी टास्क फोर्स का गठन किया है।

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