जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान की कांग्रेस सरकार साल, 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंत्रियों से मिशन-2023 को ध्यान में रखकर काम करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रियों को अब महीने में दो दिन अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर जनसुनवाई करनी होगी। जनसुनवाई करने के बाद मंत्री अधिकारियों के साथ बैठक कर सरकारी योजनाओं की समीक्षा करेंगे। प्रशासन गांवों के संग और प्रशासन शहरों के संग अभियान की प्रगति की समीक्षा कर मंत्री निमयित रूप से प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री सचिवालय में भेजेंगे। इसके साथ ही मंत्रियों को सप्ताह के प्रथम तीन दिन सोमवार से बुधवार को अनिवार्य रूप से जयपुर में रहना होगा।

तीनों दिन मंत्री अपने आवास और शासन सचिवालय स्थित कक्ष में आम लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। जरूरत पड़ने पर अधिकारियों को निर्देश भी देंगे। मंत्रियों को कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सम्मान देने के लिए कहा गया है। मंत्रिपरिषद में फेरबदल के बाद बुधवार को हुई पहली बैठक में सीएम ने मंत्रियों से कार्यकर्ताओं और आम आदमी के बीच रहने के लिए कहा है। बैठक में 17 दिसंबर को सरकार की तीसरी वर्षगांठ पर प्रदेश व जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। इस दिन विभिन्न सरकारों योजनाओं व भवनों का लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम होंगे। बैठक में तय किया गया कि राज्य सरकार एक जनवरी से शुद्ध के लिए युद्ध अभियान शुरू करेगी। इस अभियान के तहत मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि राजस्थान में रविवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बावजूद कांग्रेस नीत सरकार में सब कुछ ठीक नहीं है। अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नवनियुक्त सलाहकार व निर्दलीय विधायक रामकेश मीणा ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि पायलट की वजह से राजस्थान में कांग्रेस को नुकसान होगा। मीणा ने कहा कि अगर पायलट ने नेतृत्व में सूबे में 2023 का विधानसभा चुनाव लड़ा गया तो पार्टी को खासा नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि मैं साफ तौर पर कह दूं कि इस मामले में मैं पार्टी का समर्थन नहीं करूंगा। सूबे में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत किया जाना चाहिए न कि कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ने वालों को। इस दौरान उनका इशारा बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों की ओर था।

Edited By: Sachin Kumar Mishra