जागरण संवाददाता, जयपुर। Hyderabad Encounter. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हैदराबाद सामूहिक दुष्कर्म के आरोपितों के एनकाउंटर मामले में कहा कि कानून सम्मत काम होना चाहिए था। कानून का राज स्थापित होना चाहिए। अब एनकाउंटर क्यों हुआ, क्या परिस्थितयां थीं, यह सब तो पुलिस बताएगी, लेकिन जो कुछ भी हो वर्तमान में देश में हो रहा है वह अच्छा नहीं हो रहा। गहलोत ने कहा कि कहीं दुष्कर्म पीड़िता को जिंदा जलाया जा रहा है। समय रहते हुए केंद्र सरकार को कुछ करना चाहिए।

शुक्रवार को बारां में मीडिया से बात करते हुए गहलोत ने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार को कठोर कदम उठाना चाहिए। सीएम ने कहा कि तय समय सीमा में दुष्कर्मियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के केसों में 10-20 साल सुनवाई होती रहती है। दुष्कर्मियों को छह महीने से लेकर सालभर में फांसी की सजा होनी चाहिए।

सीएम ने प्याज के बढ़ते दामों पर और उस पर केंद्रीय मंत्रियों की आ रही प्रतिक्रियाओं पर भी हमला बोलते हुए कहा कि समय रहते अगर सरकार चेत जाती तो लोगों को इतनी महंगाई का सामना नहीं करना पड़ता। आज भाजपा के नेता और मंत्री कह रहें कि हम प्याज नहीं खाते हैं। वे कह रहे हैं कि प्याज नहीं खाना चाहिए, ये वही लोग है, जो कांग्रेस के शासन में महंगाई को मुद्दा बनाते थे। 

गौरतलब है कि हैदराबाद में 27 वर्षीय महिला पशु चिकित्सक की 27 नवंबर की रात दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी और उसके शव को जला दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। घटना के विरोध में मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना देने पहुंची महिला अधिकार कार्यकर्ता तृप्ति देसाई और छह अन्य लोगों को पुलिस ने बुधवार को एहतियाती हिरासत में ले लिया था। देसाई अपने संगठन भूमाता ब्रिगेड की सदस्यों के साथ प्रदर्शन करने पहुंची थीं। 

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Posted By: Sachin Mishra

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