राजस्थान: दूसरे दिन भी बोरवेल में फंसा रहा 9 साल का भोमाराम, पत्थर बना रेस्क्यू में रुकावट
राजस्थान के फलोदी जिले में बोरवेल में गिरे नौ वर्षीय भोमाराम को निकालने का प्रयास दूसरे दिन भी जारी है। ...और पढ़ें

नौ वर्षीय भोमाराम को बचाने का संघर्ष जारी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान के फलोदी जिले में बोरवेल में गिरे नौ वर्षीय बच्चे भोमाराम को अभी तक नहीं निकाला जा सका है। शुक्रवार सुबह बोरवेल में डाले गए कैमरे में बच्चे का मूवमेंट दिखना भी बंद हो गया है। रेस्क्यू टीम का कहना है कि बच्चे से करीब 30 फीट ऊपर कैमरा फंस गया है।
बच्चे से करीब 30 फीट ऊपर बोरवेल में पत्थर फंसा हुआ होने के कारण पाइप अथवा अन्य उपकरण पहुंचाना मुश्किल हो रहा है।
गुरुवार से लेकर शुक्रवार शाम तक आपदा प्रबंधन दल की टीमों ने भी तीन बार बचाव कार्य की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना मिलने पर प्रदेश के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर शुक्रवार को मौके पर पहुंचे।
ऐसे में बोरवेल से रेस्क्यू करने वाले देसी एक्सपर्ट मादाराम की मदद भी ली गई। हालांकि यह प्रयास सफल नहीं हो सका है। बोरवेल के अंदर कैमरे की मदद से पत्थर के आकार और स्थिति देखकर उसके अनुसार दूसरा जुगाड़ तैयार किया जा रहा है, ताकि पत्थर को निकाला जा सके।
बता दें कि गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे पूनिया की ढाणी में भोमाराम 1050 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। वह 640 फीट की गहराई में अटका है। गुरुवार देर रात तक बच्चे की आवाज आ रही थी। बच्चे को रस्सी के सहारे बिस्किट और पानी पहुंचाया गया था, लेकिन शुक्रवार सुबह के बाद बच्चे की आवाज आनी बंद हो गई।
