राज्य ब्यूरो, जयपुर। राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के बारे में एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि देश का विभाजन पहली बड़ी त्रासदी थी और इसके बाद नेहरू का प्रधानमंत्री बनना बड़ी भूल थी। पूनिया ने मंगलवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर जनसंघ के संस्थापक श्यामाप्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजली देने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। पूनिया ने कहा कि संयोग से नेहरू मंत्रिमंडल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भी सदस्य थे, लेकिन नेहरू-लियाकत समझौता के विरोध में मुखर्जी ने अपना इस्तीफा दे दिया थ। उन्होंने एक देश में दो संविधान, दो प्रधान और दो निशान को समाप्त करवाने का संकल्प लिया. लेकिन उनकी रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हुई। पूनिया के अनुसार वर्तमान में भाजपा की जिस इमारत पर हम खड़े हैं, उसकी बुनियाद श्यामा प्रसाद मुखर्जी रहे हैं।

गहलोत साबित करें हाॅर्स ट्रेडिंग का आरोप- 

वहीं राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद फरोख्त के आरोपों पर पूनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हाॅर्स ट्रेडिंग के आरोप साबित करें तो वे भी निर्दलीय विधायकों के साथ सरकार की डील के साक्ष्य दे देंगे। उन्होंने कहा कि हमेें मानहानि का दावा करने का डर दिखाया जा रहा है, लेकिन इसका रास्ता तो हमारे लिए भी खुला है। गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव में मतदान से पहले मुख्यमंत्री गहलोत ने भाजपा पर विधायकों को 25 से 35 करोड में खरीदने का आॅफर दिए जाने का आरोप लगाया था, वहीं मतदान के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पूनिया ने आरोप लगाया था कि सरकार ने समर्थन देने वाले 23 विधायकों को खनिज पटटे, जमीने और नकदी देने की डील करने का आरेाप लगाया था।

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