जयपुर, ब्यूरो। राजस्थान में भाजपा विधायक दल को नई विधानसभा के पहले सत्र का इंतजार है। विधायक दल की बैठक सत्र की तारीख के अनुसार ही तय की जाएगी। इस बैठक पर सबकी नजर टिकी है, क्योंकि इसमें भाजपा विधायक दल के नेता का चयन होना है। 

राजस्थान में भाजपा इस बार विपक्ष में और इसके 73 विधायक चुनकर आए हैं। इसलिए विपक्ष की मौजूदगी दमदार रहने वाली है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद से अब तक पार्टी की कोई बड़ी बैठक नहीं हुई है। हार के कारणों की समीक्षा के लिए भी जिला स्तरीय बैठकें तो हो गईं, लेकिन प्रदेश स्तर की बैठक नहीं हो पाई है। इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष का चुनाव भी होना है।

पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने इस बारे में निर्णय पार्टी के विधायकों पर ही छोड़ा है और सूत्रों के अनुसार राज्य इकाई को यह निर्देश दिए गए हैं कि विधायक स्वयं अपने विवेक से अपने नेता का चुनाव करें। यही कारण है कि पार्टी के विधायक दल की यह बैठक काफी महत्वपूर्ण हो गई है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि वैसे तो यह बैठक इस माह के अंत में होना निर्धारित है, लेकिन अब इस मामले में विधानसभा सत्र आहूत किए जाने का इंतजार किया जा रहा है। सत्र आहूत किए जाने से तीन-चार दिन पहले यह बैठक हो सकती है। राजस्थान में मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 20 जनवरी तक है। ऐसे में माना जा रहा है कि नई विधानसभा का पहला सत्र 15 जनवरी को मलमास की समाप्ति के बाद शुरू हो सकता है।

नेता प्रतिपक्ष के नाम को लेकर अभी तक पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को ही प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। उनके अलावा पूर्व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, पूर्व संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं।  

Posted By: Preeti jha

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