नरेन्द्र शर्मा, जयपुर। राजस्थान में अलवर जिले के ललावंडी गांव में मॉब लिंचिंग में हुई अकबर उर्फ रकबर की मौत के मामले में पुलिस सवालों के घेरे में आ गई है। मामले की सूचना देने के बाद से 6 घंटे तक पुलिस के साथ रहने वाले व्यक्ति के मुताबिक पुलिस रात को एक बजे घायल अकबर को रामगढ़ पुलिस थाने में लेकर आई थी पुलिस ने रात 3 बजे तक पुलिसकर्मियों ने उसकी की पिटाई की थी और 4 बजे बाद थाने में ही उसकी मौत हुई। इस मामले में रामगढ़ के भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने अकबर की मौत पुलिस हिरासत में होने की बात कही है।

आहूजा ने कहा कि ग्रामीणों ने कुछ थप्पड़ मारने के बाद अकबर को छोड़ दिया था, लेकिन मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने लोगों के सामाने ही उसकी जमकर पिटाई की और फिर पुलिस थाने ले गए। ऐसा करके पुलिसकर्मी लोगों के सामने यह दर्शाने की कोशिश कर रहे थे कि वे गो-तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हैं। आहूजा ने कहा कि लोगों ने उन्हे बताया है कि पुलिसकर्मियों ने थाने ले जाते समय पहले तो अकबर की गोविंदगढ़ मोड़ पर पिटाई की और फिर थाने में ले जाकर डंडों से मारा, जिससे उसके आंतरिक अंगों में चोट आई और वहीं उसकी मौत हो गई। आहूजा ने कहा कि पुलिस ने 3 घंटे तक अकबर की पिटाई की और जब उसकी हालत बिगड़ने लगी तो सुबह 4 बजे उसे सामान्य अस्पताल में ले जाया गया।

पुलिस को सबसे घटना की सूचना देने वाले नवलकिशोर शर्मा ने बताया कि पुलिस ने घायल अकबर के इलाज में न केवल ढ़ाई से तीन घंटे की देरी की, बल्कि उसे रामगढ़ थाने ले जाकर उसे मारा पीटा भी खुद पुलिस ने एफआईआर में शर्मा को घटना की सबसे पहले सूचना देने वाला और मौके पर साथ ले जाना बताया है। शर्मा के खुलासे से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे है।

पुलिस थाने में नहलाया गया था अकबर को

पूरे घटनाक्रम के चश्मदीद नवल किशोर शर्मा ने बताया कि उन्होंने रात करीब 12.40 बजे पुलिस को घटना की सूचना दे दी थी, फिर भी पुलिस नहीं आई तो वे खुद ही थाने पहुंच गए थे। थाने से पुलिस उन्हें सरकारी वाहन में साथ लेकर घटनास्थल पर पहुंची। वहां अकबर कीचड़ में सना पड़ा था, उसे कोई ऐसी गंभीर चोट नहीं थी, जिससे उसकी मौत हो जाती, पुलिस मौके से उठाकर उसे सीधे रामगढ़ थाने लेकर आई। थाने में कीचड़ में सने अकबर को नहलाया, उसके कपड़े गीले हो जाने के कारण पुलिस ने ललावंडी निवासी धर्मेंद्र यादव को भेजकर कपड़े मंगाए, वो कपड़े उसे पहनाए। इस दौरान थाने में उसके साथ मारपीट की गई, इसी मारपीट से अकबर की मौत हुई।

पुलिस को कठघरे में खड़ा करने के ये भी बिंदु

नवल किशोर शर्मा के दावे के अलावा घटनाक्रम की टाइमलाइन भी पुलिस को कठघरे में खड़ा कर रही है। पुलिस ने थानेदार मोहन सिंह के हवाले से दर्ज एफआईआर में खुद कहा कि उसे रात करीब 12.40 बजे सूचना मिली। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि पुलिस एक बजे भी घायल अकबर को लेकर चली तो महज 4 किमी दूर अस्पताल पहुंचने में 3 घंटे कैसे लग गए। अस्पताल में रकबर का इलाज करने वाले डॉक्टर के मुताबिक पुलिस अकबर को सुबह करीब 4 बजे अस्पताल लेकर पहुंची अर्थात इलाज में करीब तीन घंटे की देरी हुई। रामगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर हसन अली ने बताया कि पुलिस 4 बजे अज्ञात व्यक्ति को लेकर आई थी जो कि मृत अवस्था में था। समय पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाता तो शायद उसे बचाया जा सकता था।

पुलिस अधीक्षक बोले,आरोपों की जांच कराएंगे

पुलिस पर लगे सवालिया निशानों के बारे में पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह का कहना है कि पुलिस पर जो आरोप लगाए जा रहे है, उसकी जांच करवाई जाएगी। जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विधायक के आरोपों की भी जांच करवाई जाएगी।

गृहमंत्री ने कहा, किसी को बख्शेंगे

राज्य के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। विधायक ज्ञानदेव आहूजा के आरोपों की भी जांच करवाई जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।  

Posted By: Sachin Mishra