जयपुर, एजेंसी । जम्मू कश्मीर के पुलवामा ने 14 फरवरी 2019 को हुए अब तक के सबसे बड़े आतंकी हमले में देश के 40 जवान शहीद हो गए। सीआरपीएफ के काफिले पर किए गए इस आत्मघाती हमले में शहीद होने वाले जवानों में राजस्थान के भी पांच सपूत शामिल हैं।

पुलवामा हमले के बाद देशभर के साथ-साथ पूरे राजस्थान का भी खून खौल उठा है। राजधानी जयपुर के युवा तो आधी रात को ही आतंक के खिलाफ सड़कों पर उतर आए थे। वहीं शहीदों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। हर कोई शहीद परिजनों को ढांढ़स बंधाने उनके घर पहुंचा है।

राजस्थान के शहीद जवान

1. रोहिताश लाम्बा, जयपुर 

 

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद होने वाले सीआरपीएफ के 40 जवानों में जयपुर जिले के अमरसर थाना इलाके के गांव गोविंदपुरा निवासी रोहिताश लाम्बा भी शामिल थे। साथी जवानी जीतराम गुर्जर व भागीरथ की तरह हाल ही छुटटी बिताकर लौटे थे। सालभर पहले ही इनकी शादी हुई थी। आतंकी हमले में शहीद हुए जयपुर जिले के गोविंदपुरा बासड़ी गांव का जवान रोहिताश दो माह पहले ही एक बेटे का पिता बना था। बेटे को देखने रोहिताश पिछले माह घर आया था और परिजनों से जल्द ही वापस आने की कह कर गया था, रोहिताश के शहीद होने की सूचना मिलते ही उसकी पत्नी सरस्वती और भाई जितेन्द्र की तबीयत बिगड़ गई। रोहिताश की शहादत की सूचना पर पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। शुक्रवार सुबह गांव में दुकानें बंद रही और हर कोई शहीद के घर की तरफ परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंचा। 

2. भागीरथ, धौलपुर

 

पुलवामा हमले में शहीद हुए भागीरथ राजस्थान के धौलपुर जिले के दिहौली थाना इलाके के गांव जैतपुर के रहने वाले थे। छह साल पहले  सीआरपीएफ की 45वीं बटालियन में भर्ती हुए भागीरथ इन दिनों छुट्टियों पर घर आए हुए थे। दो दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे। इस दौरान उन्होंने पिता परसराम से वादा किया था कि जल्द सकुशल वापस लौटेगा, मगर गुरुवार शाम को उनकी शहादत की खबर आ गई। भागीरथ की शादी चार साल पहले यूपी के पिनाहट के गांव मल्लपुरा निवासी रंजना के साथ हुई थी। इनका बेटा विनय तीन साल व बेटी शिवांगी डेढ़ साल की है। उसके शहीद होने की सूचना मिलते ही पूरे गांव में सन्नाटा छा गया । गांव के सभी लोग रातभर शहीद के घर बैठकर परिजनों को सांत्वना देते रहे ।

 3. नारायण लाल गुर्जर, राजसमंद

 शहीद नारायण लाल गुर्जर राजस्थान के राजसमंद जिले के विनोल गांव के रहने वाले थे। शहादत के बाद नारायण लाल का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। यह वीडियो उनकी शहादत से पहले बनाया गया था, जिसमें उन्होंने जम्मू कश्मीर में तैनात सुरक्षाकर्मियों का दर्द बयां किया है। वीडियो में नारायण लाल कह रहे हैं कि साथियों में कुछ दिनों से परेशान चल रहा हूं। उसका कारण है कि कुछ लोग मेरा सुख चैन छीनने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए साथियों मैं आप सबसे अनुरोध करूंगा कि जिस तरह से हम उग्रवादियों से जूझ रहे हैं। आप देख सकते हैं कि कैसे हम उग्रवादियों को मौत के घात उतार रहे हैं।

4. जीतराम गुर्जर, भरतपुर 

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद जीतराम गुर्जर भरतपुर जिले की नगर तहसील के गांव सुंदरावली के रहने वाले थे। सीआरपीएफ की 92वीं बटालियन में तैनात जीतराम 12 फरवरी को ही ड्यूटी पर लौटे थे। 28 वर्षीय शहीद जीतराम के भाई विक्रम ने बताया उन्हें देर रात तक तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि उनका भाई भी शहीद हो गया। सुबह जम्मू से सीआरपीएफ के अधिकारियों ने फोन पर इसकी जानकारी दी। ग्रामीणों के अनुसार जीतराम बेहद मिलनसार था। वह जब भी गांव आता था तब युवाओं से देश​भक्ति की बातें किया करता था। राधेश्याम के बेटे जीतराम की शहादत पर पूरे गांव को गर्व है। जीतराम के दो बेटी हैं। बड़ी बेटी डेढ़ साल और दूसरी बेटी करीब 4 माह की है।

 5. हेमराज मीणा, कोटा

शहीद हेमराज मीणा कोटा जिले के सांगोद जिले के गांव विनोद खुर्द के रहने वाले थे। इनकी पत्नी व बच्चे सांगोद की सेन कॉलोनी में रहते हैं। यहां पर तीन साल पहले हेमराज ने नया मकान बनाया था। हेमराज के बड़े भाई रामविलास मीणा के अनुसार रात करीब दस बजे हेमराज की पत्नी मधु के पास फोन आया, जिसमें उन्हें शहादत की जानकारी मिली, मगर रात अधिक हो जाने के कारण बच्चे सोने वाले थे। ऐसे में मधु ने हिम्मत दिखाई और घर के किसी सदस्य को हेमराज के शहीद हो जाने के बारे में नहीं बताया। उन्होंने रामविलास को गांव से सांगोद बुलाया और पूरी जानकारी दी। इसके बाद लोगों को जैसे-तैसे शहादत का पता चला वे उनके घर ढांढ़स बंधाने पहुंचने लगे। पांच भाई बहनों में दूसरे नम्बर के हेमराज के बेटी रीना, टीना, बेटा अजय और ऋषभ है। बड़ी बेटी रीना 17 साल की है।

Posted By: Preeti jha

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप