राज्य ब्यूरो, जयपुर। राजस्थान में अच्छे मानसून के बाद अब सरकार ने दलहन और तिलहन की समर्थन मूल्य पर खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन की 10.57 लाख मीट्रिक टन खरीद की जाएगी। खरीद के लिए राजस्थान की सहकारी संस्था राजफैड 15 अक्टूबर से पंजीयन शुरू करेगी।

राजस्थान में इस बार मानसून काफी अच्छा गया है और कोटा संभाग को छोड़ कर प्रदेश में ज्यादातर हिस्से में किसान आमतौर पर खुश हैं। इस बीच अब सरकार ने दलहन और तिलहन की समर्थन मूल्य पर खरीद की घोषणा भी कर दी है। हालांकि यह खरीद दीवाली का त्योहार निकलने के बाद शुरू होगी, लेकिन आर्थिक मंदी के इस दौर में समर्थन मूल्य की खरीद की घोषणा का भी अच्छा असर पड़ने की संभावना बताई जा रही है।

इस बार राजस्थान सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन की 10.57 लाख मीट्रिक टन के खरीद करेगी। मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने बताया कि खरीद का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है और 15 अक्टूबर से किसानों के ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। मूंग, उडद एवं सोयाबीन की 1 नवंबर से तथा 7 नवंबर से मूंगफली की खरीद शुरू की जाएगी।

गुप्ता ने सोमवार को दलहन एवं तिलहन खरीद की राच्य स्तरीय स्टेयरिंग कमेटी की बैठकभी ली और खरीद की तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि खरीद 90 दिन चलेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को शीघ्र भुगतान हो इसके लिए वेयर हाउस की रसीद तत्काल केंद्र की संस्था नैफेड को भिजवानें की व्यवस्था की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि नैफेड वेयर हाउस पर सर्वेयर को अधिक से अधिक संख्या में नियुक्त करें ताकि खरीदी गई उपज समय पर गोदामों में जमा हो सके।

उन्होंने पर्याप्त मात्र में भंडारण की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। वितत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान हो इसके लिए आवश्यक कार्यशील पूंजी एवं रिवाल्विंग फंड उपलब्ध कराए जाएंगे। जिससे नैफेड से राशि प्राप्त नही होने पर भी किसानों को शीघ्र भुगतान किया जा सके।

सहकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव नरेश पाल गंगवार ने कहा कि मूंग की 3 लाख मीट्रिक टन, उड़द 96 हजार, सोयाबीन 3.54 लाख तथा मूंगफली 3.07 लाख मीट्रिक टन की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि किसानों का ऑनलाइन पंजीयन आधार के जरिए किया जाएगा। बायोमैट्रिक सत्यापन असफल होने पर आधार ओटीपी की सुविधा भी किसानों को दी जाएगी। खरीद के लिए राच्य में 300 खरीद केन्द्र स्थापित किए जाएंगे तथा जिला कलेक्टरों से भी इस संबंध में और राय ली जा रही है।

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Posted By: Sachin Mishra

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