जयपुर, जेएनएन। राजस्थान में गुर्जर आंदोलन पांचवें दिन भी जारी रहा। राज्य में जगह-जगह गुर्जर समुदाय के लोग पांच फीसद आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन करते रहे। सवाई माधोपुर में गुर्जर समुदाय के लोग पटरियों पर बैठे हैं। इस कारण जयपुर के रास्ते आने जाने वाली ट्रेनों पर बड़ा असर पड़ रहा है। ट्रेन के साथ ही सड़क यातायात भी प्रभावित हो रहा हैं। जयपुर से आगरा जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हैं। इस बीच, प्रशासन ने सवाई माधोपुर में धरनास्थल के पास के क्षेत्र में इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी है। वहीं, गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला को सवाई माधोपुर के कलेक्टर द्वारा रेलवे ट्रेक को खाली करने का नोटिस दिया गया है।

राजस्थान विश्वविदयालय की परीक्षाएं स्थगित

गुर्जर आंदोलन के चलते राजस्थान विश्वविद्यालय की बुधवार से शुरू होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है। अब शनिवार तक होने वाली परीक्षाएं स्थगित हो गई हैं।

सड़क मार्ग पर कई जगह जाम 

आंदोलनकारियों ने मंगलवार को मध्य प्रदेश और राजस्थान को जोड़ने वाले श्योपुर स्टेट हाईवे पर दिन में जाम लगा दिया। ऐसे में अचानक इन रास्तों से गुजरने वाले गाड़ियों के पहिए थम गए। वहीं, जयपुर-आगरा को जोड़ने वाले हाईवे पर भी जाम लगा रहा और बसों का संचालन प्रभावित रहा। आंदोलनकारियों ने चाकसू में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 52 को भी मंगलवार को जाम कर दिया।  आंदोलनकारी दौसा जिले में सिकंदरा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर चुके हैं। इसके साथ ही नैनवा (बूंदी), बुंडला (करौली) व मलारना में भी सड़क मार्ग अवरुद्ध है। टोंक जिले में कोटा जयपुर राजमार्ग को बनास पुलिया पर, लालसोट गंगापुर करौली राजमार्ग पर भी जाम किया गया है।

हवाई यातायात हुआ महंगा

गुर्जर आंदोलन के चलते रेलवे और सड़क यातायात प्रभावित होने का असर हवाई यातायात पर भी दिख रहा है। हवाई सेवा देने वाली कंपनियों ने अपने किराए में बढ़ोतरी कर दी है। जहां पहले जयपुर से बाहर जाने वाले यात्रियों की संख्या की बढ़ोतरी को देखते हुए किराए में 30 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है।

सरकार की ओर से नहीं आया कोई संदेश

गुर्जर नेता विजय बैंसला के अनुसार, सरकार की ओर से बातचीत या संवाद का कोई नया संदेश नहीं आया है और गुर्जर समाज का आंदोलन जारी है। उन्होंने कहा,‘धरने पर बैठे हैं और धरना जारी रहेगा। सरकार की ओर से शनिवार के बाद कोई संदेश नहीं है।

ये ट्रेनें हुई रद

उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि मंगलवार को हजरत निजामुद्दीन-अहमदाबाद, हजरत निजामुद्दीन- उदयपुर व उदयुपर- हजरत निजामुद्दीन ट्रेनें रद की गईं और दो ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया।

रेलवे और रोडवेज को हो रहा करोड़ों का नुकसान

गुर्जर आंदोलन के कारण दिल्ली-मुंबई रेल ट्रैक पूरी तरह से बाधित है, वहीं कई राजमार्गों पर भी आंदोलनकारियों द्वारा लगाए गए जाम से यातायात ठप हो गया है। इससे रेलवे और रोडवेज समेत अन्य ट्रांसपोर्टर को जबर्दस्त घाटा उठाना पड़ रहा है।

रेलवे ट्रैक पर कब्जे के चलते पश्चिमी मध्य रेलवे और उत्तर पश्चिमी रेलवेदर्जनों ट्रेनों को रद्द कर चुका है और कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया जा चुका है। यह सिलसिला गत शुक्रवार यानी पांच दिनों से जारी है। एडवांस बुकिंग करवा चुके यात्रियों ने बड़ी संख्या में अपने टिकट कैंसिल करवाए हैं। गत चार दिनों में 41 ट्रेनों को डाइवर्ट और सात ट्रेनों को अब तक रद किया है।

पश्चिमी मध्य रेलवे के तहत आने वाला कोटा रेल मंडल भी अभी तक 110 गाड़ियों को रद, 26 को आंशिक रद और 81 को डाइवर्ट कर चुका है। यहां भी नुकसान करोडों का हो चुका है। अकेले सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन की बात करे तो उसे गत चार दिन में करीब एक करोड़ रुपये के राजस्व की हानि उठानी पड़ी है। स्टेशन पर प्रतिदिन औसतन 25 लाख रुपये का राजस्व आता है। चार दिन में करीब एक करोड़ का नुकसान हो चुका है। गुर्जर आंदोलनकारी इसी जिले के मलारना डूंगर में दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर महापड़ाव डाले हुए हैं।

लाखों का घाटा  

दौसा जिले में सिकंदरा में सोमवार को जाम लगाने के कारण जयपुर से भरतपुर, अलवर, आगरा वाया सिकंदरा मार्ग बंद हो चुका है। इसके चलते दौसा-बयाना, दौसा-हिंडौन, दौसा-करौली, दौसा-भरतपुर, दौसा-अलवर और दौसा- धौलपुर मार्ग पर चलने वाली रोडवेज बसें बंद हो गई हैं। जाम के बाद इन मार्गों पर चलने वाली बसों को दौसा बस डिपो में खड़ा करवा दिया गया है। करौली-हिंडौन मार्ग भी पिछले तीन दिन से बंद है। इसके अलावा अन्य राजमार्गों पर भी जाम से रोडवेज बस सेवाएं प्रभावित हो रही है। इससे राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम को प्रतिदिन लाखों रुपये का घाटा उठाना पड़ा रहा है।  

Posted By: Sachin Mishra

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