जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में करौली जिले के टोडाभीम कस्बे की दुकानों पर आई लव यू लिखी हुई साड़ी बिकने के विरोध में मीणा समाज के युवाओं ने हंगामा किया। युवाओं ने विरोध-प्रदर्शन भी किया। मीणा समाज के लोग बुधवार को बाजार में पहुंचे और दुकानों में बिक रही साड़ियों पर नाराजगी जताई। समाज के प्रमुख लोगों ने बाजार बंद करवा दिए। बाद में दुकानदारों ने इस तरह की साड़ी नहीं बेचने का निर्णय लिया है। मीणा युवक संघ के अध्यक्ष अभिषेक नारेड़ा ने कहा कि दुकानों पर बेची जा रही साड़ियों व स्थानीय ओढ़नी पर कशीदे के प्रिंट में आई लव यू लिखा हुआ था। इसके विरोध में बाजार बंद करवा कर विरोध-प्रदर्शन किया गया। बाद में दुकानदारों ने इस तरह की साड़ी व महिलाओं की परंपरागत ओढ़नी नहीं बेचने का वादा किया। दुकानदारों ने माफी भी मांगी है।

इसलिए हुआ विरोध

व्यापार मंडल के महामंत्री गोपाल लाल गुप्ता ने कहा कि कुछ दुकानों पर विशेष तरह की साड़ी और ओढ़नी बेची जा रही थी। स्थानीय दुकानदार यह बाहर से खरीद कर लाए थे। स्थानीय लोगों ने जब विरोध जताया तो इन्हें नहीं बेचने का निर्णय लिया गया। पिछले कुछ दिनों से इस तरह की साड़ी और ओढ़नी बेची जा रही थी, लेकिन ध्यान अब गया। दुकानदारों ने भी इसे नहीं देखा था। इस मामले में टोड़ाभीम पुलिस थाना अधिकारी ने कहा कि छोटा विवाद था। गलतफहमी के कारण विवाद हुआ था। अब शांति है।

गौरतलब है कि दिल्ली में गत साल अंसल प्लाजा स्थित अकीला रेस्तरां में साड़ी पहनकर आई महिला को प्रवेश न देने के मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की कार्यकर्ताओं ने साड़ी पहनकर रेस्तरां के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। अनीता चौधरी ने ट्विटर पर एक वीडियो साझा किया था। इसमें उन्होंने दिखाया था अकीला रेस्तरां में साड़ी पहनकर जाने पर स्टाफ ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया था। स्टाफ ने साड़ी को स्मार्ट कैजुअल न होने की बात कहते हुए उन्हें वापस भेज दिया था। राष्ट्रीय महिला आयोग ने साड़ी पहनकर आई महिला को प्रवेश न देने के मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा कि साड़ी भारतीय संस्कृति व परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत में बड़ी संख्या में महिलाएं साड़ी पहनती हैं। साड़ी पहनने पर महिला को रेस्तरां में प्रवेश से रोकना महिलाओं के अधिकारों का हनन है।

Edited By: Sachin Kumar Mishra