जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। राजस्थान में जयपुर सहित तीन बड़े शहरों में दो-दो नगर निगम के महापौर की लॉटरी एक ही श्रेणी की निकलने से कई नेताओं के अरमानों पर पानी फिर गया है। पिछले दिनों ही जयपुर, जोधपुर और कोटा में दो-दो नगर निगम बनाए गए थे। जयपुर के दोनों नगर निगम में महापौर का पद लॉटरी में ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हो गया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह नगर जोधपुर के दोनों नगर निगम में महापौर का पद लॉटरी में सामान्य के लिए महिला के नाम निकला है।

वहीं, अजमेर में एससी महिला, कोटा में दो में से एक महापौर की सीट एससी महिला और दूसरी सामान्य के लिए खुली। लॉटरी के बाद स्थानीय निकाय चुनाव का गणित बदलने से सबसे बड़ा झटका उन नेताओं को लगा है, जिन्होंने काफी पैसा खर्च करके होर्डिंग्स, बैनर लगवाए थे। भीड़ एकत्रित कर आला नेताओं के समक्ष महापौर व सभापति पद की दावेदार जता रहे थे।

जयपुर, जोधपुर व कोटा में कांग्रेस और भाजपा के बड़े नेता बनना चाहते थे महापौर

जयपुर के दो नगर निगम ग्रेटर व हेरिटेज में महापौर का पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हो गया है। लोकसभा चुनाव के बाद से ही कांग्रेस व भाजपा के कई बड़े नेता महापौर बनकर अपना राजनीतिक पुनर्वास करना चाहते थे, लेकिन लॉटरी में उनके अरमानों पर पानी फिर गया। कांग्रेस में वर्तमान महापौर विष्णु लाटा, पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल, मुख्यमंत्री के खास राजीव अरोड़ा, प्रदेश कांग्रेस की उपाध्यक्ष अर्चना शर्मा, सुनील शर्मा सहित दो दर्जन नेता महापौर पद पर नजर गड़ाए हुए थे। लेकिन अब उनके सारे प्रयास बेकार हो गए।

उधर, भाजपा में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व विधायक सुरेंद्र पारीक, मोहन लाल गुप्ता, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा, पूर्व महापौर निर्मल नाहटा, संजय जैन, मनोज भारद्वाज सहित कई नेता महापौर बनना चाहते थे। लेकिन दोनों पर निगमों में महापौर के पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित होने के बाद इन्हें झटका लगा है।

उधर, स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल के गृह नगर कोटा के दोनों निगम में महापौर पद के लिए यूआईटी के पूर्व चेयरमैन विनय त्यागी, पूर्व विधायक पूनम गोयल, शिवकांत गौतम, राखी नंदवाना दावेदार थे। लेकिन अब यहां एक सीट तो एससी के लिए आरक्षित हो गई और दूसरी सामान्य के लिए खुली है, जिस पर दावेदारों की लंबी सूची है। जोधपुर में दोनों निगमों के महापौर के पद की लॉटरी सामान्य महिला के नाम खुली है। इससे कांग्रेस और भाजपा के दावेदारों में मायूसी छा गई। सीएम के खास राजेंद्र गहलोत, राजेंद्र बोराणा, सुनील परिहार और भाजपा में पूर्व यूआईटी चेयरमैन महेंद्र सिंह राठौड़, जगतनारायण जोशी, घनश्याम ओझा, देवेंद्र कुमार सालेचा महापौर बनना चाहते थे। लेकिन अब इनके स्थान पर महिला महापौर की कुर्सी पर बैठेगी। 

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Posted By: Sachin Mishra

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