जागरण संवाददाता, जयपुर। अलवर के बाद अब राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर के भिंड का पार गांव निवासी दलित युवक खेताराम भील की मौत को लेकर घमासान तेज हो गया है। खेताराम के गांव की ही एक मुस्लिम युवती के साथ प्रेम संबंध थे। मुस्लिम युवती के परिजनों को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने खेताराम को जान से मार दिया था। 21 जुलाई की इस घटना पर अब राजस्थान में बवाल मचने लगा है।

प्रदेश के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक और हिंदूवादी संगठनों के दबाव में अब राज्य सरकार इस मामले की न्यायिक जांच कराने पर विचार कर रही है। राज्य के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया का कहना है कि पुलिस की प्रारंभिक जांच में आरोपितों को दोषी पाया गया है। मामले की न्यायिक जांच को लेकर एक-दो दिन में निर्णय कर लिया जाएगा। उधर, विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के सदस्य आचार्य धमेन्द्र का कहना है कि राजनीतिक दल मुसलमानों को खुश करने में जुटे है । उन्होंने बाड़मेर की घटना की न्यायिक जांच की मांग की है।

भाजपा विधायक कैलाश चौधरी,ज्ञानदेव आहूजा और विहिप के प्रदेश अध्यक्ष नरपत सिंह शेखावत ने सरकार से पूछा है कि, जब किसी मुस्लिम व्यक्ति की मौत भीड़ के द्वारा मारपीट से होती है तो उसे मॉब लिंचिंग (बेकाबू भीड़ की हिंसा) मान लिया जाता है, लेकिन हिंदू की मौत मुस्लिम लोगों द्वारा किए जाने पर मॉब लिंचिंग क्यों नहीं माना जाता है। उन्होंने बॉड़मेर की घटना को भी मॉब लिंचिंग बताते हुए सरकार से मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। बाड़मेर के सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी इस मुद्दे को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मुलाकात करेंगे। इस प्रकरण को मॉब लिंचिंग मानें या नहीं इस मामले को लेकर ना तो बाड़मेर पुलिस अधीक्षक बोलने को तैयार है और ना ही जिला कलेक्टर कुछ बोल रहे है ।

यह है मामला

बाड़मेर जिले के भिंड का पार गांव निवासी दलित युवक खेताराम भील की गांव के ही मुस्लिम लोगों ने पीट-पीटकर 21 जुलाइ्र को हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि खेताराम भील के एक मुस्लिम युवती के साथ लंबे समय से प्रेम संबंध चल रहे थे, जिससे युवती के परिजन नाराज थे। मौका देखकर युवती के परिजनों ने खेताराम भील के 21 जुलाई को अल सुबह मारपीट की और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। युवती के परिजनों ने शव को झाड़ियों के बीच फेंक दिया था। इस मामले की जांच कर रहे पुलिस उप अधीक्षक सुरेन्द्र कुमार प्रजापत ने बताया कि प्रकरण में खेताराम भील के परिजनों ने 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। इनमें से मुख्य अभियुक्तों पठाई खान और अनवर खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में दोनों ने प्रेम प्रसंग के चलते खेताराम भील की हत्या की बात स्वीकारी है। उन्होंने बताया कि शेष अभियुक्तों की तलाश जारी है ।

Posted By: Sachin Mishra