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Rajasthan Politics: पंजाब के घटनाक्रम के बाद राजस्थान कांग्रेस में बढ़ीं राजनीतिक गतिविधियां

Rajasthan Politics पंजाब में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद राजस्थान कांग्रेस में गतिविधियां बढ़ी हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के समर्थकों को उम्मीद है कि पार्टी आलाकमान पंजाब के बाद अब राजस्थान के बारे में निर्णय करेगा।

By Sachin Kumar MishraEdited By: Published: Sat, 18 Sep 2021 08:09 PM (IST)Updated: Sat, 18 Sep 2021 08:09 PM (IST)
Rajasthan Politics: पंजाब के घटनाक्रम के बाद राजस्थान कांग्रेस में बढ़ीं राजनीतिक गतिविधियां
अशोक गहलोत और सचिन पायलट की फाइल फोटो।

जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पद से इस्तीफा दे दिया है। पंजाब में सीएम के इस्तीफे के बाद राजस्थान कांग्रेस में गतिविधियां बढ़ीं हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के समर्थकों को उम्मीद है कि पार्टी आलाकमान पंजाब के बाद अब राजस्थान के बारे में निर्णय करेगा। राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए अध्यक्ष की नियुक्ति अगले कुछ दिनों में होने की उम्मीद पायलट समर्थकों ने जताई है। पायलट इन दिनों दिल्ली में है। शनिवार शाम को विधानसभा का सत्र समाप्त होने के बाद अब उनके समर्थक विधायक भी दिल्ली जाने की तैयारी में जुट गए। पायलट समर्थक विधायक अब तक प्रदेश प्रभारी अजय माकन और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से ही मिलते रहे हैं, लेकिन अब कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात कर समय मांगा गया है।

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पायलट समर्थक विधायक एक साल पहले किए गए अपने वादे को पूरा किए जाने की मांग गांधी परिवार के तीनों सदस्यों के समक्ष रखेंगे। उधर, खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके खेमे के विधायक पूरी तरह आश्वस्त हैं। गहलोत समर्थकों का दावा है कि गहलोत के सीएम पद को लेकर कोई खतरा नहीं है। गहलोत अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। बसपा से कांग्रेस में शामिल होने वाले विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि राज्य कांग्रेस में गहलोत का कोई विकल्प नहीं है। गहलोत राजस्थान के नेता हैं।

विधानसभा में सक्रिय रहे विधायक

पंजाब के घटनाक्रम के बाद शुक्रवार को कांग्रेस के विधायक विधानसभा में सक्रिय रहे। कांग्रेस विधायक अशोक गहलोत और सचिन पायलट के राजनीतिक वजन को लेकर चर्चा करते रहे। गहलोत के विश्वस्त मुख्य सचेतक महेश जोशी और मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी के दफ्तर में विधायक आगामी रणनीति को लेकर बातचीत करते रहे। पायलट समर्थक विधायक राकेश पारीक, सुरेश मोदी और वेद प्रकाश सोलंकी अपने खेमे के विधायकों के साथ चर्चा करते नजर आए।

दिल्ली में दोनों दिग्गजों के लिए हो रही लाबिंग

सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रही खींचतान खत्म कराने को लेकर पार्टी आलाकमान ने कार्य योजना तय कर ली है। प्रदेश प्रभारी अजय माकन कह चुके हैं कि यदि गहलोत बीमार नहीं होते तो अब तक मंत्रिमंडल में विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों का काम शुरू हो गया होता। माकन ने अपनी रिपोर्ट पिछले दिनों सोनिया गांधी को सौंपी है, जिसमें पायलट समर्थकों को मंत्रिमंडल और राजनीतिक नियुक्तियां में महत्व दिए जाने की जरूरत बताई है। हालांकि उन्होंने पायलट समर्थक विधायक रमेश मीणा के व्यवहार पर नाराजगी भी जताई है। माकन चाहते हैं कि पायलट समर्थकों को सत्ता के साथ संगठन में भी महत्व मिले, लेकिन गहलोत को भी नाराज नहीं किया जाए। कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य रघुवीर मीणा गहलोत के लिए आलाकमान के समक्ष लाबिंग में जुटे हैं। वहीं, पायलट को माकन पर पूरा भरोसा है। 


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