जागरण संवाददाता, जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को राजस्थान के आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय संस्थान में आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी जुड़े। गहलोत ने कहा कि हमारा देश हमेशा से वसुधैव कुटुंबकम की भावना वाला रहा है, विनोबा भावे ने जय जगत का नारा दिया। आज देश में तनाव और हिंसा का माहौल है। इससे छुटकारा मिले, यह हम सबकी इच्छा रहती है। उन्होंने कहा कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही समाज और देश को आगे बढ़ाया जा सकता है। शांति, सत्य, अहिंसा और भाईचारा यह हमारे मूल मंत्र हैं, इनको मजबूत करने का काम सबको मिलकर करना होगा। गहलोत ने कहा कि हमारी धारणा हमेशा से रही है कि जहां शांति होगी, वहां विकास होगा। गहलोत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व पीएम जवाहर लाल नेहरू, सरदार बल्लभ भाई पटेल को याद करते हुए कहा कि इन्होंने हमें आजादी दिलाई थी। आज 75 साल में हम देश को कहां से कहां ले गए और पीएम मोदी जब दुनिया के मुल्कों में जाते हैं, तब उन्हें मान सम्मान मिलता है। देश ने 75 साल में जो तरक्की की है, उसका लोहा पूरी दुनिया मानती है।

सतीश पूनिया ने अशोक गहलोत पर साधा निशाना

उधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने अशोक गहलोत के संबोधन की आलोचना करते हुए कहा कि सीएम भूल जाते हैं कि कांग्रेस ने 50 साल तक देश को धर्म, जाति, मजहब और पंथ में बांटने काम काम किया। उन्होंने कहा कि मोदी ने वर्चुअल संबोधन में भारत की ताकत, लोकतंत्र, एकता और देश की प्रगति की कामना की। वहीं, दूसरी तरफ गहलोत ने आदतन अपने ही देश के खिलाफ सवाल खड़े किए। पीएम की निंदा की आड़ में सीएम भूल जाते हैं कि वह देश पर सवाल उठा कर रहे हैं। पूनिया ने कहा कि जब कांग्रेस के नेता विश्व मंच पर देश की आलोचना करते हैं, तो ऐसा लगाता है कि राहुल गांधी से लेकर गहलोत तक एक ही भाषण बोलते हैं।

Edited By: Sachin Kumar Mishra