जयपुर, जेएनएन। लॉकडाउन अवधि में जरूरी उपभोक्ता सामान, दवाइयों आदि की आपूर्ति बनाए रखने के लिए राजस्थान सरकार ने सभी जरूरी सामान बनाने की फैक्ट्रियां चालू करने की अनुमति देना शुरू कर दिया है। इसके लिए प्रक्रिया को यहां तक आसान बनाया गया है कि आवेदन के छह घंटे में लाइसेंस जारी किया जा रहा है। अब तक 900 से ज्यादा इकाइयों को काम शुरू करने की अनुमति दी जा चुकी है। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को किसानों से कृषि जिंसों की सीधी खरीद की अनुमति भी दे दी गई है। लॉकडाउन का समय बीतने के साथ ही अब जरूरी उपभोक्ता सामान की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। गली-मोहल्लों की दुकानों तक सामान पहुंचने में दिक्कत आ रही है, क्योंकि राजस्थान की सभी मंडियां इस समय बंद हैं। हालांकि आटा, दाल और तेल मिलें चालू हैं लेकिन इनसे आपूर्ति होने में परेशानी हो रही है।

इसी को देखते हुए अब राजस्थान सरकार ने सभी तरह के जरूरी उपभोक्ता सामान की फैक्टि्रयां चालू करने की अनुमति देना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही प्रसंस्करण इकाइयों को सीधे किसानों से खरीद की अनुमति भी दी जा रही है। कृषि विपणन विभाग की ओर से अभियान चलाकर मंडी क्षेत्रों में आटा, चावल, तेल, दाल आदि की मिलों को किसानों से कृषि जिंसों की सीधी खरीद के लाइसेंस दिए जाएंगे। इससे किसानों को तैयार फसल बेचने के लिए वैकल्पिक विक्रय केंद्र उपलब्ध हो सकेंगे एवं प्रसंस्करण इकाइयों को भी आवश्यकता के अनुसार कच्चा माल आसानी से मिल सकेगा। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए अब तक सरकार ने आटा, दाल और तेल मिलों को ही प्राथमिकता दी हुई थी, लेकिन अब दवा, फार्मास्युटिकल, मेडिकल डिवाइसेज का उत्पादन करने वाली इकाइयों, इनका कच्चा माल तैयार करने वाली इकाइयों, खाद्य पदार्थों, इनके लिए पैकेजिंग सामग्री तैयार करने वाली इकाइयों के साथ ही उर्वरकों, कीटनाशकों व बीज आदि की पैकेजिंग सामग्री तैयार करने वाली इकाइयों को भी काम शुरू करने की अनुमति दी जा रही है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि पहले चरण में आटा, बेसन, दाल व तेल मिलों व कंटिन्यूअस नेचर की इकाइयों को अनुमति के निर्देश जारी किए गए थे। अब अन्य इकाइयों को भी अनुमति दी जा रही है। हालांकि इन इकाइयों को अपने यहां मेडिकेटेड सैनिटाइजर, साबुन, मास्क के साथ ही अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने होंगे। इसके साथ ही आवासीय परिसर में उनके रहने, सोने व जीवन यापन के सभी इंतजाम करने होंगे। कार्यस्थल व आवास सुरक्षित शारीरिक दूरी के प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। इसके साथ ही इकाई में किसी के भी वायरस संक्रमण, बुखार, खांसी, जुकाम अथवा अन्य संक्रमण की स्थिति में तत्काल प्रशासन को जानकारी देने के साथ ही डॉक्टरी जांच करवानी होगी।

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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