जयपुर, जागरण संवाददाता। गर्मियों का मौसम आते ही पानी की खपत बढ़ जाती है। राजस्थान में कई स्थान ऐसे हैं जहां पानी की कमी बनी रहती है। लोगों को घंटों लाइन में लगकर या पैदल चलकर पानी लाना पड़ता है। काफी मेहनत के बाद लाए गए पानी को बचाने के लिए भी लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।

ऐसे ही दो मामले राज्य के अजमेर और भीलवाड़ा जिलों में सामने आए है। इन दोनों जिलों में वैसे तो पूरे साल ही पानी की समस्या रहती है,लेकिन अप्रैल से लेकर जुलाई तक लोगों को पानी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। इन दोनों ही जिलों में लोगों को अपने पानी को को चारी से बचाने के लिए प्लास्टिक के ड्रमों पर ताले लगाने पड़ते है। ड्रमों को लोहे की मोटी चेन से बांध दिया जाता है,जिससे कोई इन्हे उठाकर नहीं ले जा सके। अजमेर के वैशाली नगर,नला बाजार और नसीराबाद के लोग अपने पानी को चोरी होने से बचाने के लिए ड्रमों पर ताला लगाकर रखते हैं।

लोगों का कहना है कि हमें प्रतिदिन पानी नहीं मिलता है। इसलिए जो थोड़ा बहुत पानी हमारे पास है उस पर हम ताला लगाकर रखते हैं। इसी तरह के हालात भीलवाड़ा जिले के है। भीलवाड़ा जिले में पिछले कई सालों से ट्रेन से पानी पहुंचाया जाता है। भीलवाड़ा जिला मुख्यालय के लोगों के लिए दो से तीन दिन में पानी की सप्लाई होती है। वहीं यहां के गांवों में सप्ताह में एक बार पानी सप्लाई होता है।

भीलवाड़ा जिले के ही पारसरामपुरा गांव के लोग भी अपने ड्रमों पर ताले लगाकर रखते है । पारसरामपुरा के लोगों को सप्ताह में एक बार पीने का पानी भारत जिंक लिमिटेड से मिलता है। इस कारण से लोग एक- दूसरों के पानी को चोरी कर ले जाते है।

ग्रामीणों ने कहा, ‘पानी की बहुत कमी होने की वजह से रात में कई बार पानी की चोरी हो जाता है। इसलिए हमने फैसला किया कि हम अपने पानी को सुरक्षित रखने के लिए ड्रम पर ताले लगाकर रखेंगे । ग्रामीणों का कहना है कि कई बार तो पानी को लेकर आपसी विवाद तक हो जाते है।

लोग एक-दूसरे पर पानी चोरी के आरोप लगाते है। गांव की महिलाओं ने कहा, ‘पंचायत ने हमसे बोला है कि आप पानी की रक्षा करें और अपने ड्रमों पर ताला लगाकर रखें। लोग रातभर पानी की चौकीदारी करते है।  

Posted By: Preeti jha

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