जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में मेवात क्षेत्र की महापंचायत ने एक गांव के खिलाफ तुगलकी फरमान सुनाया है। भरतपुर जिले के पथवारी गांव में एक युवती के अपहरण के मामले में मंगलवार शाम को बुलाई गई 40 गांवों की इस महापंचायत में गामड़ी गांव के रास्ते बंद करने और पूरे गांव को ही समाज से बहिष्कृत करने का फैसला सुनाया गया। महापंचात के पंचों ने अपने स्तर पर ही गामड़ी गांव की बिजली का कनेक्शन काट दिया। पंचों ने युवती का अपहरण करने वाले दो युवकों के खेतों पर भी कब्जा कर लिया।

मंगलवार रात से पूरे इलाके में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। तनाव बढ़ता देख बुधवार शाम को कामां क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में धारा 144 लागू कर दी गई है। घटना की जानकारी मिलते ही कामा के पुलिस उप अधीक्षक राय सिंह बेनीवाल एवं जुरहरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से समझाइश का प्रयास किया। जुरहरा थाना पुलिस ने हालांकि इस मामले में महापंचायत में शामिल पंच-पटेलों सहित 300 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। भरतपुर के एसपी केसर सिंह शेखावत ने मंगलवार देर रात और बुधवार दोपहर में पथवारी, गामड़ी और नौनेरा गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपहृत युवती की तलाश पुलिस कर रही है ।

महापंचायत में राजस्थान, हरियाणा और यूपी के 40 गांवों के पंच शामिल हुए
मंगलवार सुबह 11 बजे से शाम 8 बजे तक चली महापंचायत में राजस्थान के 20 गांवों के साथ ही हरियाणा और यूपी के 40 गांवों के मेव समाज के पंच शामिल हुए। पंचायत समाप्त होने के बाद गामड़ी गांव के कुछ लोगों के साथ मारपीट की बात भी सामने आई है। हालांकि इस मामले को लेकर पुलिस में अभी तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है।


यह है मामला
भरतपुर जिले के पथवारी गांव की युवती अंजारा अलवर जिले के बागौर नीमली गांव में एक मदरसे में शिक्षिका है। वह 15 जुलाई को अपने गांव गामड़ी से मदरसे में पढ़ाने जा रही थी, इसी बीच रास्ते में दो युवकों इरफान और मुबारक ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसका अपहरण कर लिया। युवती के पिता सहाबुद्दीन देर रात तक बेटी के घर नहीं आने पर पता किया तो सामने आया कि अंजारा मदरसे में पहुंची ही नहीं, काफी खोजबीन के बाद आसपास के लोगों ने बताया कि इरफान और मुबारक ने उसका अपहरण कर लिया। इस पर अगले दिन सहाबुद्दीन मेव समाज के पंचों के साथ आरोपित युवक मुबारक के घर पहुंचे तो उसके परिजनों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराने की बात कहते हुए अंजारा को सुरक्षित घर पहुंचाने का आश्वासन दिया।

इसके बाद भी युवती घर नहीं पहुंची तो पिछले 15 दिन में चार बार समाज की पंचायत हुई। लेकिन हर बार आरोपित के परिजन युवती को शीघ्र पहुंचाने का आश्वासन देकर टालते रहे। इसके बाद मंगलवार को पांचवी महापंचायत हुई, जिसमें पंचों ने गामड़ी गांव के रास्ते बंद करने, बिजली काटने और खेतों में फसल पर कब्जा करने का फरमान सुनाया। इस पूरे प्रकरण में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगता है क्योंकि 40 गांवों के लोग एक जगह इकट्ठा होकर महा पंचायत कर तुगलकी फरमान सुनाते हैं लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगती है। विधुत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिजली के कनेक्शन गामड़ी गांव में वापस जोड़ दिया जाएगा।

 

Posted By: Preeti jha