जयपुर, [नरेन्द्र शर्मा] । संजय लीला भंसाली की फिल्म "पद्मावती " को लेकर चल रहे विवाद ने राजस्थान के मेवाड़ अंचल की अर्थव्यवस्था को ऊंचाई तक पहुंचा दिया है । वैसे तो फिल्म को लेकर पिछले तीन माह से विवाद चल रहा है,लेकिन एक माह में जिस तरह से राष्ट्रीय स्तर तक यह मामला चर्चा में आया है,उसके बाद मेवाड़ ट्यूरिस्ट सर्किट में आने वाले पर्यटकों  की संख्या में बढ़ोतरी हुई है ।

राज्य के पर्यटन विभाग के आंकड़ों,ट्यृरिस्ट गाइड और स्थानीय व्यापारियों की मानें तो "पद्मावती"  विवाद के चलते मेवाड़ अचंल के पर्यटन व्यवसाय को संजीवनी मिली है । मेवाड़ ट्यूरिस्ट सर्किट में पिछले वर्ष तक उदयपुर देशी-विदेशी पर्यटको का आकर्षण का केन्द्र हुआ करता था,लेकिन "पद्मावती" विवाद के बाद सबसे अधिक भीड़ चित्तोड़ में रहने लगी है । पर्यटन एवं पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले एक माह में चित्तोड़ में पर्यटकों की आवक में अचानक बढ़ोतरी हुई है और आगामी तीन माह तक की होटलों में एडवांस बुकिंग करवा दी गई है ।

राज्य की पर्यटन मंत्री कृष्णेन्द्र कौर दीपा का कहना है कि वैसे तो सर्दी में नवम्बर से फरवरी तक पर्यटक सीजन माना जाता है,प्रति वर्ष काफी संख्या में पर्यटक मेवाड़  ट्यूरिस्ट सर्किट का भ्रमण करने आते रहे है,लेकिन इस बार पिछले 15  से 20 दिन में अचानक पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई  है । पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पहले कभी   पर्यटकों का इतना मेला चित्तोड़ दुर्ग में नहीं देखा । यहां   पहुंचने वाला प्रत्येक पर्यटक पद्मनी महल,जौहर स्थल और पद्मनी मंदिर को देखने को लेकर उत्सुक नजर आ रहा है । अधिकारियों का  कहना है कि पिछले एक सप्ताह में तो पर्यटकों की इतनी भीड़ बढ़ी है कि सुबह 8 बजें से लेकर शाम 5 बजे तक पैर रखने का स्थान नहीं मिल रहा । 

राज्य पुरात्तव विभाग के निदेशक  ह्देश शर्मा एवं पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस सीजन में पर्यटकों की संख्या में 10 से 17 फीसदी तक पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है । पर्यटकों में सबसे अधिक उत्सुकता तो  चित्तोड़ दुर्ग को देखने को लेकर है । चित्तोड़ में तो पर्यटकों की संख्या पिछले वर्ष के  मुकाबले 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है । चित्तोड़ के होटल व्यवसायी शांतिलाल नागदा,ट्यूरिस्ट गाइड राजेन्द्र बंजारा और दुर्ग के बाहर दुकानें  लगाने वालों  का कहना है कि पद्मावती को लेकर बढ़े विवाद के बाद पर्यटक काफी संख्या में आ रहे है । गुजरात के साथ ही दिल्ली,पंजाब और दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों से पर्यटक चित्तोड़ पहुंच रहे है,विदेशी पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी है ।

इनका कहना है कि पहले चित्तोड़ में होटल के कमरे का किराया 2000 से लेकर 2,500 रूपए तक होता था,लेकिन अब 4000 से 5000 रूपए तक किराए में कमरे खाली नहीं मिल रहे ।वहीं उदयपुर में पांच सितारा होटलों में कमरों का किराया 20 से 30 हजार रूपए तक पहुंच गया है । स्थानीय रेस्टोरेंट्स एवं अन्य दुकानदारों के कामकाज में भी अच्छा प्रभाव पड़ा है । यहां आने वाले पर्यटकों का कहना है कि पद्मावती में विवाद देखने के बाद चित्तोड़ महल को देखने की इच्छा हुई । 

तीन सालों में राजस्थान पहुंच रहे पर्यटकों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी 

 प्रदेश के संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ का कहना है कि वैसे तो राजस्थान में प्रतिवर्ष  3 करोड़ पर्यटक आते हैं,इनमें से करीब 55 से 60 लाख पर्यटक चित्तोड़,उदयपुर एवं नाथद्वारा पहुंचते हैं । वहीं पिछले  वर्ष पर्यटकों की संख्या अनौपचारिक तौर पर एक साल में 3 करोड़ तक आंकी गई थी,इस वर्ष यह संख्या बढ़ रही है । उन्होंने कहा कि चित्तोड़ और उदयपुर के  साथ ही लोग जैसलमेर,बीकानेर,जयपुर आदि पर्यटन स्थलों की सैर भी करने आते हैं । गुजरात,दिल्ली एवं उत्तरप्रदेश  के पर्यटक नाथद्वारा एवं चित्तोड़ के सांवलिया सेठ मंदिर में पूजा अर्चना के लिए पहुंचते है । अजमेर,पुष्कर मेंहदीपुर बालाजी,खाटू श्याम मंदिर और सालासर हनुमान जी के मंदिर भी काफी तादाद में पर्यटक आते हैं । 

 

Posted By: Preeti jha

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