जयपुर, जागरण संवाददाता। अश्ववंशीय पशुओं में सामने आए जानलेवा और संक्रामकरोग ग्लैंडर्स की रोकथाम के लिए राजस्थान के पशुपालन विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं । विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पशु मेलों और प्रदर्शनियों में घोड़ों समेत अश्ववंशीय अन्य पशुओं घोड़े,खच्चर और गधों को अब तभी एंट्री दी जाएगी । जब पशुपालकों के पास पशु के ग्लैडर्स रोग से मुक्त होने की जांच रिपोर्ट होगी ।

जांच रिपोर्ट नहीं होने पर पशुपालकों को पशु ले जाने की अनुमति नहीं होगी । पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ.अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि पशुपालकों को अपने पशु की एलिसा या फिर सीएफटी जांच अनिवार्य रूप से करानी होगी।

यह जांच रिपोर्ट निगेटिव आनी चाहिए। गुप्ता ने बताया कि राजस्थान के साथ ही महाराष्ट्र,उत्तरप्रदेश,गुजरात,हरियाणा,जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी अश्ववंशीय पशुओं में ग्लैंडर्स रोग के मामले सामने आ चुके हैं । राजस्थान के धौलपुर,उदयपुर,अजमेर और राजसमंद जिलों में घोड़ों का प्रयोग प्रतिबंधित किया हुआ है ।  

Posted By: Preeti jha

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