'सत्ता का घमंड नहीं चलेगा', राजस्थान बीजेपी के विधायकों-सासंदों को नितिन नवीन ने दी चेतावनी
राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की तैयारियों के लिए भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने जयपुर का दौरा किया। उन्होंने नेताओं ...और पढ़ें

नितिन नबीन की राजस्थान नेताओं को चेतावनी (फोटो-PTI)

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डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान में 309 शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव संपन्न होने के बाद अब पंचायती राज चुनावों का बिगुल बज चुका है। राज्य की 14, 403 ग्राम पंचायतों में होने वाले इन चुनावों की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने जयपुर का दौरा किया।
बैठक में नितिन नवीन ने दो टूक शब्दों में पार्टी नेताओं को कड़ा संदेश दिया कि अगर किसी भी विधायक या सांसद की सिफारिश पर उम्मीदवार को टिकट मिलता है और वह आगे चलकर पार्टी के खिलाफ जाता है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी सिफारिश करने वाले नेता की ही होगी।
नागौर की घटना से सतर्क हुई बीजेपी
नितिन नवीन के इस कड़े रुख की मुख्य वजह हाल ही में नागौर जिले की मुंडवा नगरपालिका चुनाव में मिला झटका है। मुंडवा में 10 पार्षदों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। हालांकि, चेयरमैन पद के चुनाव में बीजेपी की आधिकारिक प्रत्याशी गीता देवी को एक भी वोट नहीं मिला और आरएलपी ने बोर्ड बना लिया।
बीजेपी पार्षदों की क्रॉस वोटिंग से सबक लेते हुए केंद्रीय नेतृत्व नहीं चाहता कि आगामी पंचायत चुनावों में इस तरह की भितरघात की पुनरावृत्ति हो।
ग्रामीण मतदाताओं पर नजर
राजस्थान में कुल 5.17 करोड़ मतदाता हैं। शहरी निकायों में जहां करीब 1.44 करोड़ मतदाता हैं, तो वहीं पंचायत चुनावों में 3.73 करोड़ ग्रामीण मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। राज्य की 72.16 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले ये चुनाव मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार के लिए सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा माने जा रहे हैं।
सादगी और जमीनी जुड़ाव की नसीहत
नितिन नवीन ने पार्टी पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों को सलाह दी कि नेताओं का व्यक्तिगत आचरण ही जनता के बीच पार्टी की छवि तय करता है। उन्होंने सभी नेताओं को किसी भी तरह के दिखाने से दूर रहने, सादगी अपनाने और सीधे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और आम लोगों से जुड़ने के निर्देश दिए।
विशेष रणनीति और केंद्रीय नेतृत्व की नजर
शहरी निकाय चुनावों में मिली जीत के बाद केंद्रीय नेतृत्व पूरी तरह मुस्तैद है। जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बावजूद शहरी चुनावों और दिल्ली यूनिवर्सिटी के नतीजों का हवाला देते हुए नबीन ने कहा कि युवाओं व आम मतदाताओं का रुझान बीजेपी के पक्ष में ही है।
जयपुर दौरे के दौरान नबीन ने अल्बर्ट हॉल में सेवा संकल्प अभियान में हिस्सा लिया, युवाओं से संवाद किया और नवनिर्वाचित पार्षदों से मुलाकात की।
इसके बाद उन्होंने संगठन के शीर्ष नेताओं के साथ लंबी रणनीति बैठक कर स्पष्ट किया कि निकाय चुनाव की सफलता पर आराम करने के बजाय ग्रामीण स्तर पर सामाजिक समीकरणों और नैरेटिव को मजबूत करने के लिए पूरी लगन से जुटना होगा।
