जयपुर, जागरण संवाददाता। जयपुर का सांगानगर एयरपोर्ट एक बार फिर से दो हिस्सों में बंटने जा रहा है । 6 साल बाद इंटरनेशनल फ्लाइट्स फिर से टर्मिनल-1 से संचालित होने लगेंगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली है। निर्माण कार्य भी जोरों पर है, सब कुछ ठीक रहा तो अक्टूबर माह की शुरुआत से ही इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन टर्मिनल-1 से होने लगेगा।

इंटरनेशनल टर्मिनल की विशेषताएं

जयपुर एयरपोर्ट टर्मिनल-1 से 15 जुलाई 2013 तक विमानों का संचालन नियमित रूप से हो रहा था । तब तक यहां से इंटरनेशनल फ्लाइट्स संचालित हो रही थी, लेकिन 16 जुलाई 2013 को एयरपोर्ट प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय करते हुए इंटरनेशनल फ्लाइट्स को भी टर्मिनल-2 पर शिफ्ट कर दिया था। दो साल पहले जब एयरपोर्ट टर्मिनल-2 पर फ्लाइट्स की संख्या क्षमता से ज्यादा हाे गई, यात्रीभार को संभालना एयरपोर्ट प्रशासन के लिए मुश्किल हो गया, तब इस टर्मिनल को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया।

इसके बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने टर्मिनल बिल्डिंग के रिनोवेशन और एक्सपेंशन की कार्ययोजना तैयार की थी। यह तय किया गया है कि एयरपोर्ट टर्मिनल-2 से केवल डोमेस्टिक फ्लाइट्स का संचालन किया जाए, जबकि सभी इंटरनेशनल फ्लाइट्स को टर्मिनल-1 पर शिफ्ट कर दिया जाए। जयपुर एयरपोर्ट से वर्तमान में 7 इंटरनेशनल फ्लाइट्स चल रही है। इनमें दो-दो फ्लाइट दुबई और बैंकॉक के लिए चल रही है, जबकि एक-एक फ्लाइट शारजाह, मस्कट और कुआलालंपुर के लिए चल रही है।

निजी कंपनी एसजीबी इन्फ्रा लिमिटेड टर्मिनल-1 के रिनोवेशन और बिल्डिंग का निर्माण कर रही है। इस पर 40.37 करोड़ रुपए का बजट खर्च होगा। अब यहां अराइवल और डिपार्चर एरिया में कस्टम के 2 काउंटर्स होंगे। वहीं इमिग्रेशन के 8 काउंटर अराइवल, 8 डिपार्चर एरिया में होंगे। यात्रियों के लिए ग्राउंड फ्लाेर पर 2 बोर्डिंग गेट होंगे।

इस तरह बढ़ रहा यात्रीभार-

वित्तीय वर्ष : इंटरनेशनल यात्रीभार : कुल यात्रीभार

वर्ष 2014-15 : 3.34 लाख : 22.04 लाख

वर्ष 2015-16 : 3.63 लाख : 29.03 लाख

वर्ष 2016-17 : 4.50 लाख : 38.05 लाख

वर्ष 2017-18 : 5.27 लाख : 47.57 लाख

वर्ष 2018-19 : 6.04 लाख : 54.84 लाख  

Posted By: Preeti jha

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