यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Rajasthan: महापौर सौम्या गुर्जर का निलंबन, गुलाबचंद कटारिया ने दी सड़क और कानून दोनों जगह चुनौती की चेतावनी
भाजपा कानूनी तरीके से और सड़क पर दोनों ही जगह चुनौती देगी जयपुर ग्रेटर की महापौर सौम्या गुर्जर (Mayor Soumya ...और पढ़ें

उदयपुर, संवाद सूत्र। राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने जयपुर ग्रेटर की महापौर सौम्या गुर्जर और तीन अन्य पार्षदों के निलंबन को लेकर राज्य सरकार को कानूनी तरीके से ही नहीं, बल्कि सड़क पर चुनौती देनी की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार देखने को मिला है जब सरकार ने प्रशासनिक अधिकारी से कहासुनी होने पर किसी जनप्रतिनिधि को निलंबित किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य सरकार की इस प्रक्रिया को लेकर कानूनी चुनौती देगी ही और साथ ही सड़क पर भी चुनौती देगी। जयपुर ग्रेटर के हर वार्ड से इसकी शुरूआत होगी और समूचे राज्य में भाजपाई सरकार के निर्णय के खिलाफ उतरेगी। उन्होंने कहा कि विधायक हो या महापौर जनप्रतिनिधियों की कभी-कभार प्रशासनिक अधिकारियों से उनके चैम्बर में कहासुनी हो जाती है। यहां तक तू-तू, मैं-मैं और टकराव के बाद कई बार मुकदमे भी दर्ज हुए लेकिन कभी भी किसी जनप्रतिनिधि या विधायक को सरकार ने निलंबित नहीं किया। जयपुर ग्रेटर की मेयर सौम्या भी अपनी ड्यूटी पर थी और उनका आयुक्त को क्षेत्रीय सफाई व्यवस्था को लेकर बात करना अधिकार था।
आईएएस की शिकायत की जांच आरएएस से कराना कहां तक उचित कटारिया ने कहा कि मेयर जब कमिश्नर से सफाई का ठेका लेने वाली कंपनी के हड़ताल पर चले जाने को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर बात कर रह रही थी, उसी दौरान हुई घटना को बढ़ा-चढ़ाकर जिस प्रकार की कार्रवाई की वह समझ से बाहर है। जो केस दर्ज कराया, उसकी जांच पुलिस करेगी और जो भी सच होगा वह निकलकर आ जाएगा। उन्होंने कहा कि आईएएस अधिकारी की शिकायत की जांच किसी सुपीरियर अधिकारी से करानी चाहिए थी लेकिन यहां सारे नियमों का उल्लंघन किया गया। जांच आरएएस अधिकारी से कराई गई और उसकी रिपोर्ट पर कार्रवाई की गई।
कार्रवाई सरकार का अधिकार लेकिन सुनवाई करने का मौका दिया जाना चाहिए नेता प्रतिपक्ष कटारिया ने कहा कि किसी भी रिपोर्ट पर कार्रवाई का अधिकार राज्य सरकार का होता है। वह उसे अनुचित नहीं मानते लेकिन सरकार को सुनवाई का अवसर भी देना चाहिए। मेयर की बात नहीं सुनी गई और उसे निलंबित कर दिया यह कानून का उल्लंघन है। हमारे यहां हत्या के आरोपी को अदालत उसकी बात सुनने का अवसर दिए बगैर सजा नहीं देती। यहां नगरीय प्रशासन मंत्री शांति धारीवाल ने कानून से उपर जाकर यह काम करके दिखा दिया।
बड़ी सादड़ी के फरार चेयरमैन के खिलाफ कार्रवाई कब?
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि राज्य सरकार बताएं कि वह बड़ी सादड़ी नगर पालिका के फरार चेयरमैन के खिलाफ कब कार्रवाई करेंगे। वहां यूडीएच मिनिस्टर की बहादुरी कब सामने आएगी। उन्होंने कहा कि बड़ी सादड़ी से वह दस साल तक विधानसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और वहां की नगर पालिका के चेयरमैन के लिए उसका साले को भ्रष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो ने दो लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। वहां का चेयरमैन कांग्रेसी है और वह घटना वाले दिन से भागा हुआ है। उसकी जांच कराने और उसे सस्पेंड में देरी किस लिए की जा रही है। यह कार्रवाई केवल भाजपा के लिए है। ऐसा करके राज्य सरकार ने लोकतंत्र का अपमान किया है।
सरकार के इशारे पर की गई कार्रवाई
नेता प्रतिपक्ष कटारिया ने कहा कि जयपुर ग्रेटर की मेयर के खिलाफ कार्रवाई राज्य सरकार के इशारे पर की गई है। राज्य सरकार के इशारे पर योजनाबद्ध तरीके से निगम आयुक्त ने यह काम किया है। जबकि बात केवल इतनी सी थी कि जिस कंपनी को सफाई का ठेका दिया, उसके खिलाफ मिली शिकायतों पर ध्यान रखकर उसका भुगतान किया जाना था। जबकि काम उसके उलट किया गया। पहले कंपनी को हड़ताल के लिए उकसाया और बाद में पेमेंट को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
