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राजस्थान में गूंजी M777 होवित्जर की दहाड़: भारत-अमेरिका के सैनिकों ने दिखाया दम, पलक झपकते ही टारगेट ध्वस्त

Published: Sun, 20 Sep 2026 04:05 PM (IST)

भारतीय और अमेरिकी सेना ने राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में 'युद्ध अभ्यास 2026' के तहत M777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर से लाइव फायरिंग का प्रदर्शन किया।

भारत और अमेरिक की सेना का अभ्यास।

भारत और अमेरिक की सेना का अभ्यास।

HighLights

  1. भारतीय और अमेरिकी सेना ने 'युद्ध अभ्यास 2026' में हिस्सा लिया।

  2. महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में M777 होवित्जर से लाइव फायरिंग हुई।

  3. अभ्यास का लक्ष्य सैन्य क्षमता और आपसी तालमेल बढ़ाना है।

डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एक्सरसाइज युद्ध अभ्यास 2026 के तहत भारतीय और अमेरिकी सेना के जवानों ने M777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर के साथ लाइव फायरिंग का प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों सेनाओं ने अपनी आर्टिलरी (तोपखाने) की क्षमता और आपसी तालमेल का प्रदर्शन किया।

भारतीय सेना की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भारतीय गन क्रू ने M777 की फायरिंग क्षमता का प्रदर्शन किया। वहीं, अमेरिकी दल ने गन पोजीशन पर अल्ट्रा लाइट होवित्जर बैटरी के जवानों से बातचीत की ताकि ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी और युद्ध के मैदान में अपनाए जाने वाले बेहतरीन तरीकों का आदान-प्रदान किया जा सके।

आर्टिलरी सिस्टम के तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं पर हुई चर्चा

यह लाइव फायरिंग प्रदर्शन बुधवार को महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में M777 की तैनाती पर हुए एक लेक्चर और प्रदर्शन के बाद किया गया। न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस सेशन में आर्टिलरी सिस्टम के तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं पर चर्चा की गई। इसमें मुख्य जिम्मेदारियां, गन की तैनाती, स्थानीय सुरक्षा के लिए तालमेल, जवाबी गोलाबारी के दौरान दूसरी पोजीशन पर जाने और शूट-एंड-स्कूट (गोला दागकर तुरंत जगह बदलने) की ड्रिल शामिल थीं।

दो हफ्ते तक एक्सरसाइज

एक्सरसाइज युद्ध अभ्यास 2026 भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास का 22वां संस्करण है। यह 15 सितंबर को शुरू हुआ और दो हफ्ते तक उत्तराखंड के औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड और राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में चलेगा। इसमें दोनों तरफ से लगभग 600 जवान हिस्सा ले रहे हैं।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास का मकसद पहाड़ी और अर्ध-पहाड़ी इलाकों में इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स के इस्तेमाल के लिए दोनों सेनाओं की संयुक्त सैन्य क्षमता को बढ़ाना है, जिसमें पैदल सेना की मुख्य भूमिका वाले ऑपरेशन्स पर खास जोर दिया गया है।

इसका मकसद आपसी तालमेल को मजबूत करना, ऑपरेशन से जुड़े बेहतरीन तरीकों का आदान-प्रदान करना और संयुक्त योजना व उसे लागू करने की प्रक्रिया को बेहतर बनाना भी है।

क्या है M777 हॉवित्जर

M777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर यूएस आर्मी के लिए बनाई गई 155mm, 39-कैलिबर वाली हल्की टो-आर्टिलरी गन है। इसके हल्के डिजाइन की वजह से इसे मिलिट्री एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर से कहीं भी ले जाया जा सकता है, जिससे मुश्किल इलाकों में आर्टिलरी यूनिट्स को ज्यादा मोबिलिटी और फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है।

भारतीय सेना अपने 155mm आर्टिलरी बेड़े के हिस्से के तौर पर M777 का इस्तेमाल करती है। यह सिस्टम ऊंचे और पहाड़ी इलाकों में भारत की जरूरतों के लिए खास तौर पर अहम है, क्योंकि इसे आसानी से हवाई जहाज से ले जाया जा सकता है और भारी टो-आर्टिलरी सिस्टम के मुकाबले इसका वजन भी कम है।

यूएस आर्मी के अनुसार, बिना मदद वाले एम्युनिशन के साथ M777 की मैक्सिमम रेंज लगभग 24 किमी. है, जो मदद वाले प्रोजेक्टाइल के साथ लगभग 30 किमी. तक बढ़ जाती है। जब कम्पैटिबल M982 एक्सकैलिबर प्रिसिजन-गाइडेड एम्युनिशन से लैस होता है तो M777A2 40 किमी. तक की रेंज में टारगेट पर निशाना लगा सकता है।

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