जयपुर, मनीष गोधा। राजस्थान में इस बार की तेज बारिश कुछ जिलों में किसानों के लिए मुसीबत का कारण बन गई है। कोटा, बारां, भीलवाड़ा, अजमेर आदि जिलों में लगातार बारिश के कारण खेत तालाब बन गए और यहां सोयाबीन, मक्का आदि फसलों को नुकसान हुआ। हालांकि पूरे राजस्थान की बात करें तो बारिश ने इस बार खरीफ की अच्छी फसल की उम्मीद बना दी है। 19 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार, बुआई का 90 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो चुका है। राजस्थान में 24-25 जुलाई के बाद से ज्यादातर स्थानों पर अच्छी बारिश हुई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों की मानें तो इस बार मानसून खत्म होने से पहले ही राज्य की औसत से अधिक बारिश हो चुकी है। राजस्थान के सिर्फ चार जिलों में सामान्य से कम बारिश है। प्रदेश के कोटा, उदयपुर और अजमेर संभागों में असामान्य बारिश हुई है और दो दिन से बारिश का दौर थमने के बावजूद कई जगह नदी-नाले उफान पर हैं। हालत यह है कि चार सप्ताह पहले तक किसान बारिश की फरियाद कर रहे थे, वही अब चाहते हैं कि कुछ समय के लिए बारिश रक जाए ताकि खेतों में भरा पानी सूख सके। कोटा संभाग के कोटा, बारां, झालावाड़, बूंदी के साथ ही मारवाड़ के पाली समेत अजमेर और भीलवाड़ा में कई इलाकों में भारी बारिश से किसानों के खेत तालाब बन गए हैं। कोटा और बारां जिले में सबसे ज्यादा सोयाबीन की फसल प्रभावित हुई है।

बूंदी जिले में मक्का, सोयाबीन और उड़द की फसल खराब हुई। वहीं भीलवाड़ा जिले में मक्का व उड़द, अजमेर जिले में मूंग व उड़द और पाली जिले में मूंग व तिल की फसल में नुकसान हुआ है। नुकसान के आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं, क्योंकि अभी बारिश का दौर जारी है। कृषि विभाग के सूत्रों की मानें तो बारिश का दौर थमने के बाद प्रभावित इलाकों से नुकसान के आंकड़े मांगे जाएंगे। 14 हजार 780 हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई प्रदेश में 19 अगस्त तक बुआई का आंकड़ा लक्ष्य के मुकाबले 90 फीसदी का पार कर गया है। फसलवार देखें तो अनाज जैसे बाजरा, ज्वार, धान आदि की 89.7 प्रतिशत, दलहन में मूंग, मोठ, उड़द, चैला आदि की 90.1 प्रतिशत, तिलहन में मूंगफली, सोयाबीन, कैस्टर आदि की 89.4 प्रतिशत और अन्य फसलों जैसे गन्ना, कपास, ग्वार आदि की 101 प्रतिशत क्षेत्र में बुआई हो चुकी है।

इस बार खरीफ के लिए 16 हजार 357 हेक्टेयर बुआई का लक्ष्य तय किया गया था और 19 अगस्त तक 14 हजार 780 हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई हो चुकी है। यह पिछली बार के मुकाबले करीब ढाई सौ हैक्टेयर ज्यादा है। झालावाड़ और चुरू जिले में 100 फीसदी से भी ज्यादा बुवाई हुई है। वहीं जैसलमेर में सबसे कम 70 फीसदी क्षेत्र में बुआई हुई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि अभी मानसून की बारिश बाकी है, ऐसे में बुआई का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, अब फसल की बेहतरी के लिए करीब 8-10 दिन बारिश का थमना जरूरी है।

इस अंतराल के बाद बारिश होती है तो वह फसल के लिए फायदेमंद होगी। अभी दो-तीन दिन से बारिश का क्रम थमा हुआ है और धूप खिली हुई है। मौसम विभाग की मानें तो 24-25 अगस्त से बारिश का अगला दौर शुरू होने की उम्मीद है। तब तक पूर्वी राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में कहीं-कहीं बारिश की संभावना है, वहीं पश्चिमी राजस्थान में मौसम साफ रहने के आसार हैं।

यह भी पढ़ेंः राजस्थान में भारी बारिश से कई जिलों में बाढ़ के हालात

Posted By: Sachin Mishra

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप