जयपुर, जागरण संवाददाता। एग्जिट पोल में राजस्थान में कांग्रेस को 25 में से मात्र 2 से 3 सीटें मिलने के संकेतों के बीच अशोक गहलोत सरकार के लिए अब निर्दलीय विधायक मुसीबत बनते जा रहे है। करीब दो माह पूर्व अशोक गहलोत सरकार को समर्थन देने वाले 12 विधायक सत्ता में अपनी सुनवाई नहीं होने से नाखुश है।

बहरोड़ के निर्दलीय विधायक बलजीत यादव ने इसका खुलासा करते हुए कहा कि हमारी नहीं सुनी गई तो हम समर्थन वापस लेने से नहीं हिचकेंगे। यादव ने कहा कि जहर का घूंट पीकर हमने कांग्रेस सरकार को किसानों, मजदूरों और युवाओं की समस्याओं के समाधान के लिए समर्थन दिया था।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कृषि कनेक्शनों के बिजली बिल सब्सिडी राशि काटकर किसानों को भेजे है। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है। किसानों की कर्जमाफी भी सही ढंग से नहीं हो रही है। मंगलवार को एक बातचीत में उन्होंने कहा कि सभी निर्दलीय विधायक आपस में चर्चा कर रहे हैंं। विभिन्न मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बात की जाएगी,नहीं तो फिर आगे निर्णय करेंगे।सभी निर्दलीय विधायक एकजुट है।

उल्लेखनीय है कि 200 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 99 और भाजपा के 73 विधायक है। चौधरी अजीत सिंह की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल से एक,बसपा के 6 और 12 निर्दलीय शेष 9 अन्य है ।  

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Posted By: Preeti jha

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