जयपुर, जागरण संवाददाता। करीब तीन माह से पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के पांच जिलों में लिए मुसीबत बने टिड्डी दलों ने वापस पाक की तरफ लौटना शुरू कर दिया है। टिड्डियों के हमले के कारण प्रदेश पांच जिलों जैसलमेर,बाड़मेर,श्रीगंगानगर,हनुमानगढ़ और बीकानेर जिलों के किसानों की फसल को काफी नुकसान हुआ है। पिछले दो-तीन दिन से हवा का रूख बदलने के साथ ही टिड्डियां अब वापस पाकिस्तान का रुख कर रही है।

कृषि विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इससे अब टिड्डियों की समस्या से कुछ राहत मिली है। पिछले तीन माह से किसान और प्रशासन टिड्डी नियंत्रण के लिए जूझ रहे है। वैज्ञानिक तरीकों से टिड्डियों पर नियंत्रण कर पाने में पूरी तरह कामयाब नहीं हो सकी सरकारी मशीनरी के लिए अब प्रकृति कुछ राहत लेकर आई है। पिछले दो-तीन दिन से हवा का रूख भारत के पक्ष में बना हुआ है जिससे टिड्डियों का आतंक भी कम होता जा रहा है।

राज्य के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया का कहना है कि सीमावर्ती जिलों से जो सूचना आ रही है उसमें सामने आया है कि हवा का रूख बदलने के साथ ही टिड्डी दलों का पाकिस्तान की तरफ वापस जाना शुरू हो गया है। पाकिस्तान की ओर से भारत आने वाली हवाएं बंद हो गई है। इससे पाकिस्तान से हवा के साथ नए टिड्डी दलों का आना बंद हो गया है। वहीं अब हवा का रुख भारत से पाकिस्तान की ओर हो गया है। इससे टिड्डियां हवा के साथ वापस पाकिस्तान की ओर जा रही है।

टिड्डी नियंत्रण के लिए सरकार ने करीब 150 अधिकारी और कर्मचारियों के साथ ही प्रभावित इलाकों में 45 कंट्रोल व्हीकल और 25 सर्वे व्हीकल लगाए है।यूएलवी का इस्तेमाल कर प्रभावित क्षेत्र में मैलाथियान 96 प्रतिशत दवा का स्प्रे किया जा रहा है। 

सरकार अनुदान देगी

सरकार ने टिड्डी नियंत्रण के लिए सरकारी स्तर पर कीटनाशक छिड़काव के साथ ही किसानों को अपने खेतों में टिड्डी दलों से बचाव के लिए अनुदान देगी। कृषि विभाग के अनुसार यह अनुदान कीटनाशक रसायनों पर लागत का 50 प्रतिशत अथवा 500 प्रति हैक्टेयर जो भी कम होगा वह दिया जाएगा । 

Posted By: Preeti jha

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