जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में कोरोना संक्रमण फैलता ही जा रहा है। प्रदेश के सभी 33 जिलों में संक्रमण फैल गया। गुरुवार को कोरोना के 251 नए पॉजिटिव केस सामने आए और 7 लोगों की मौत हो गई। प्रदेश में अब तक 8067 संक्रमित सामने आए हैं। वहीं, 180 की मौत हुई है। 3072 एक्टिव केस सामने आए हैं। 4566 रिकवर हो चुके हैं। प्रदेश के 10 जिलों में पिछले दो सप्ताह में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र व गुजरात से आए प्रवासियों के कारण संक्रमण अधिक फैला है।

चिकित्सा विभाग के अनुसार सिरोही, पाली, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, नागौर, जयपुर, जालौर, चित्तौड़गढ़,झालावाड़ व राजसमंद में प्रवासियों के कारण संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। अब तक संक्रमण से बचे रहे बूंदी जिले में भी बुधवार शाम एक पॉजिटिव केस मिला। यहां मुंबई से आई एक युवती पॉजिटिव मिली है।

जयपुर में सबसे अधिक केस और मौत

अब तक जयपुर में सबसे अधिक 1909 केस सामने आए हैं। अजमेर में 316, अलवर में 51, बांसवाड़ा में 85, बांरा में 8, बाड़मेर में 92, भरतपुर में 165, भीलवाड़ा में 135, बीकानेर में 101, बूंदी में 1, चित्तौड़गढ़ में 175, चूरू में 90, दौसा में 50, धौलपुर में 45, डूंगरपुर में 333, गंगानगर में 5, हनुमानगढ़ में 24, जैसलमेर में 68, जालौर में 155, झालावाड़ में 204, झुंझुनूं में 109, जोधपुर में 1375, करौली में 12, कोटा में 423, नागौर में 425, पाली में 413, प्रतापगढ़ में 13, राजसमंद में 135, सवाईमाधोपुर में 20, सीकर में 174, सिरोही में 142, टोंक में 163, उदयपुर में 523, बीएसएफ के 50 जवान पॉजिटिव मिले, वहीं ईरान से एयरलिफ्ट कर लाए गए 61 लोग पॉजिटिव मिले हैं।

प्रदेश में कोरोना से अब तक 180 लोगों की मौत हुई है। इनमें जयपुर में सबसे ज्यादा 88 (जिसमें चार यूपी से) की मौत हुई। इसके अलावा, जोधपुर में 17, कोटा में 16, नागौर और अजमेर में 7-7, पाली में 6, भरतपुर में 5, चित्तौड़गढ़ और सीकर में 4-4, करौली और बीकानेर में 3-3, बांसवाड़ा, जालौर, अलवर और भीलवाड़ा 2-2, दौसा, राजसमंद, उदयपुर, चूरू, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर और टोंक में 1-1 की मौत हो चुकी है। वहीं दूसरे राज्य से आए चार व्यक्ति की भी मौत हुई है।

जेलों में सक्रमण मामले की सुनवाई 1 जून को होगी

राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर जिला जेल व सेंट्रल जेल में बंदियों के कोरोना संक्रमित होने के मामले में स्वप्ररेित प्रसंज्ञान लिया। हाईकोर्ट ने जयपुर बार एसोसिएशन को पक्ष रखने के लिए इंटर्वीनर बनाया है । मामले की अगली सुनवाई 1 जून को होगी। मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महांति व न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की खंडपीठ ने यह अंतरिम निर्देश बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र शांडिल्य व महासचिव अंशुमान सक्सेना के प्रार्थना पत्र पर दिया। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने जेलों में भीड़ कम करने के लिए बंदियों को अंतरिम जमानत देने व पैराल देने के निर्देश दिए,लेकिन इनका सही पालन नहीं हो रहा है। बंदियों में ना तो सोशल डिस्टेंसिंग रखी जा रही है और ना ही जेलों को हाइजीन किया गया है।

 

Posted By: Preeti jha

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