जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान में बुधवार को कोरोना के 1166 नए केस सामने आने के साथ ही 13 लोगों की मौत हुई है। प्रदेश में अब तक कुल 47,845 पॉजिटिव केस मिलने के साथ ही 745 लोगों की मौत हुई है। वहीं, 13,251 एक्टिव केस वर्तमान में हैं। उधर, कोरोना को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेशभर से जुड़े करीब 151 कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद किया। बुधवार को मुख्यमंत्री आवास से हुई वीसी में गहलोत ने कहा कि कोविड-19 की विकट चुनौती से निपटने में सरकारी और गैर-सरकारी कार्मिकों का तन-मन-धन से जो सहयोग सरकार को मिला है, उसी का परिणाम है कि राजस्थान कोरोना की जंग में देश में सबसे आगे खड़ा है।

कर्मचारी नेताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से लड़ाई अभी लंबी चलेगी, लेकिन आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाना जरूरी है। इसके लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी समर्पण भाव से कार्य करें। करीब छह माह से हमने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, उद्यमियों, धर्मगुरुओं सहित समाज के सभी वर्गों से लगातार संवाद कर जो फैसले लिए उससे कोरोना से लड़ने में बड़ी सहायता मिली है। वीसी में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि कार्यस्थलों पर कोरोना संक्रमण रोकना जरूरी है।

राजस्थान में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब हालात से अनलाॅक से वापस लाॅकडाउन के होते जा रहे है। कई शहरों ने अपने यहां लाॅकडाउन आंशिक तौर पर लागू भी कर दिया है। राजस्थान में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा 50 हजार तक पहुंचने की स्थिति बन गई है। मंगलवार सुबह 551 नए मामलों के साथ पाॅजिटिव मरीजों की संख्या 46 हजार 106 तक जा पहुंची। वहीं आठ नई मौतें भी हुई है और मौतों का आंकड़ बढ़ कर 727 तक जा पहुंचा है। राजस्थान के अलवर, जोधपुर, जयपुर, उदयपुर शहरों में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे है। अब तक सामने आए कुल मामलों में से 13 हजार 222 तक जा पहुंचे है। इन स्थितियों के चलते ही राजस्थान के कई शहरो में अनलाॅक के बाद वापस लाॅकडाउन की स्थिति बन गई है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अधिकारियों को साफ निर्देश दे दिये हैं कि वे प्रभावित क्षेत्रों में लॉकडाउन सहित अन्य पाबंदिया लगा सकते हैं। कोरोना के बेकाबू होते हालात से निपटने के लिए अलवर शहर कोतवाली क्षेत्र में गत 30 जुलाई से आगामी दो सप्ताह यानी 12 अगस्त तक फिर से संपूर्ण लॉकडाउन लगाया जा चुका है। वहीं जिले के भिवाड़ी क्षेत्र में भी लॉकडाउन लगाये जाने की स्थितियां बन गई है। यहां औद्योगिक इकाइयों में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे है।

कोटा शहर में 4 और 5 अगस्त को संपूर्ण लॉकडाउन रखा गया है। जबकि कोटा जिले में प्रत्येक रविवार पूरे जिले में लॉकडाउन घोषित किया जा चुका है। वहीं श्रीगंगानगर जिले में भी गत रविवार से प्रत्येक रविवार को लॉकडाउन रखने की घोषणा कर दी गई थी। हालांकि रविवार को राखी के त्योहार के मद्देनजर व्यापारियों की मांग को देखते हुए इसमें आंशिक छूट दी गई थी। लेकिन आगामी घोषणा तक इसे लागू रखने का निर्णय किया जा चुका है। जिले में रात्रिकालीन कर्फ्यू जारी है।

बीकानेर शहर में भी कोतवाली, कोटगेट और नया शहर क्षेत्र में 4-5 दिन पहले तक कर्फ्यू लगा रखा था। उसके बाद ईद और राखी के त्योहारी पर इसे हटा दिया गया। अब इसे फिर से लागू किया जा सकता है। उदयपुर में रात्रिकालीन संपूर्ण लॉकडाउन लागू है। जबकि जिले का भींडर कस्बे में दिन-रात का संपूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है। राजधानी जयपुर में भी हालात खराब है और हर दिन सवा सौ से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे है।

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